Uttar Pradesh

अब बिना क्यूआर कोड के शहर में नहीं दौड़ सकेंगे ई रिक्शा, रूट होगा तय और कराना होगा रजिस्ट्रेशन

कानपुर: कानपुर शहर में बेलगाम दौड़ रहे ई-रिक्शा पर नियंत्रण लगाने के लिए नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है. अब ई-रिक्शा का पंजीकरण सिर्फ 120 रुपये में होगा. यह पंजीकरण 21 अप्रैल से शुरू होगा और एक महीने तक चलेगा. इसके लिए नगर निगम ने 10 स्थान तय किए हैं जहाँ ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा.

क्यूआर कोड से चलेंगे शहर में रिक्शे

पंजीकरण के बाद ई-रिक्शा चालकों को एक क्यूआर कोड वाला स्टिकर मिलेगा. यह स्टिकर चार रंगों में होगा और इसके आधार पर ई-रिक्शा का चलने वाला रूट तय किया जाएगा. अगर कोई ई-रिक्शा तय रूट से बाहर जाएगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी. नगर निगम ने एक पोर्टल तैयार किया है, जिससे ई-रिक्शा मालिक ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं. पंजीकरण के दौरान ई-रिक्शा मालिक को ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, बीमा, स्वामित्व प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो साथ लानी होगी.

शहर में दौड़ रहे हैं 5000 से अधिक ई रिक्शाफिलहाल जिले में लगभग 5 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा चल रहे हैं, जिनमें से बहुत सारे बिना पंजीकरण के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं. इस कारण शहर में ट्रैफिक की समस्या भी बढ़ती जा रही है. नगर आयुक्त सुधीर कुमार ने बताया कि इस पंजीकरण से शहर में ई-रिक्शा की व्यवस्था बेहतर होगी और अनधिकृत वाहन हटाए जा सकेंगे.

शहर को 40 अलग-अलग रूटों में बांटा गया है.हर रूट के लिए अलग रंग का क्यूआर कोड दिया जाएगा. इस कोड को पुलिस और यातायात विभाग स्कैन कर सकेंगे. इससे यह पता चलेगा कि ई-रिक्शा सही रूट पर चल रहा है या नहीं.

यहां करा सकेंगे पंजीकरण

पंजीकरण के लिए 10 स्थानों पर केंद्र बनाए गए हैं – नगर निगम कार्यालय, ट्रैफिक पुलिस लाइन, छावनी थाना, गुंजन टॉकीज पार्किंग परिसर, नगर निगम मुख्यालय, जीआईसी ग्राउंड चुन्नीगंज, जोन पांच नगर निगम कार्यालय, बाबूपुरवा, बर्रा और अमरूद थाना.

इस बीच पुलिस भी ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्ती बरत रही है. हाल ही में 6 ई-रिक्शा सीज किए गए और 157 चालकों का चालान काटा गया. जिन ई-रिक्शा के पास ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट या सही नंबर प्लेट नहीं थी, उन्हें रोक दिया गया.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. बिना अनुमति और नियमों का पालन किए चलने वाले ई-रिक्शा को सड़कों से हटाया जाएगा. इस नई व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि कानपुर की सड़कों पर ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और लोगों को यात्रा में सहूलियत मिलेगी.

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