नोएडा: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को यूपी के गौतमबुद्ध नगर में देश का सबसे बड़ा एयरो इंजन टेस्ट बेड राष्ट्र को समर्पित किया. इसे राफे एमफिबर प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है. इसी मौके पर राजनाथ ने भारतीय ड्रोन तकनीक की बड़ी कामयाबी का ऐलान किया. उन्होंने दावा किया कि भारतीय ड्रोन अब आसमान में उड़ान भरेंगे और न अमेरिका, न चीन उन्हें पकड़ पाएंगे.
रक्षा मंत्री ने कहा कि युवाओं की सोच और तकनीकी कौशल भारत को नए युग में ले जा रहा है. कंपनी के संस्थापक विशाल और विवेक मिश्रा की उपलब्धि को उन्होंने ‘नई तकनीकी क्रांति’ करार दिया. राजनाथ ने कहा, ‘अब जब भारतीय ड्रोन उड़ेंगे तो न अमेरिका उन्हें पकड़ पाएगा, न चीन. यह भारत की बड़ी छलांग है.’
युद्ध नीति में जरूरी बने ड्रोन राजनाथ सिंह ने कहा कि अब युद्ध का स्वरूप बदल चुका है. पहले विमान का मतलब सिर्फ तेजस, राफेल या फाइटर जेट होता था. लेकिन अब ड्रोन हर रणनीति का अहम हिस्सा बन गए हैं. उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि ड्रोन वहां लगातार निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं. यही कारण है कि भारत भी उन्हें अपनी नीति का केंद्र बना रहा है.
निगरानी से हथियार तक उन्होंने कहा कि पहले ड्रोन केवल निगरानी और जासूसी के लिए इस्तेमाल होते थे. धीरे-धीरे देशों ने उन्हें हथियारों से लैस किया और अब बिना ड्रोन के आधुनिक युद्ध की कल्पना नहीं की जा सकती. ‘भारत ने भी इस क्षेत्र में तेजी से काम किया है. पहले हमें ड्रोन आयात करने पड़ते थे, आज हम खुद उन्हें बना रहे हैं.’
ऑपरेशन सिंदूर और ड्रोन की ताकत रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ’22 मिनट में हमारे सैनिकों ने दुश्मन का सफाया कर दिया. ये कहानी हमारे जवानों की बहादुरी और युवाओं की इनोवेशन का संगम है. अब हमारी सेना पूरी तरह से इन घरेलू तकनीकों को अपना रही है.’
आधुनिक सुविधाओं वाला संयंत्र रक्षा मंत्री ने कहा कि संयंत्र का दौरा करने पर उन्होंने एयरो इंजन टेस्ट बेड, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, हाई-कैपेसिटी फर्नेस, एडवांस कॉम्पोजिट सेंटर, पेलोड ड्रॉप ड्रोन, स्वार्म ड्रोन और प्रिसीजन गाइडेड मिसाइल ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों को देखा. उन्होंने कहा कि यहां बने उपकरण भारत की सामरिक क्षमता को और मजबूत करेंगे.
तकनीक में भारत की बढ़त राजनाथ सिंह ने कहा कि तकनीक दो हिस्सों में बंटी है- ‘टेक्नॉलजी हैव’ और ‘टेक्नॉलजी हैव नॉट’. भारत अब ‘हैव’ देशों की कतार में है. ‘हम पीछे नहीं हैं. हमारी तकनीक अमेरिका और चीन के मुकाबले खड़ी हो रही है. यह आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि है.’
यूपी का नया औद्योगिक चेहरा इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सीडीएस जनरल अनिल चौहान और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. राजनाथ ने कहा कि यूपी अब उद्योग और निवेश का नया केंद्र बन रहा है. ‘पहले यूपी में उद्योग लगाना मुश्किल था. अपराध, वसूली और असुविधाएं बड़ी बाधा थीं. लेकिन अब स्थिति बदल गई है. निवेशक यूपी की ओर आकर्षित हो रहे हैं.’
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय ड्रोन तकनीक की कामयाबी के साथ ही देश की तकनीकी क्षमता में भी बड़ा सुधार हुआ है. उन्होंने कहा कि भारत अब तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है.