उत्तर प्रदेश के आगरा में आयुष्मान कार्डधारकों को मुफ्त इलाज से वंचित करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की जाएगी। आगरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी अरुण श्रीवास्तव ने अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश दे दिए हैं।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सालाना 5 लाख तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराती है। इस योजना के तहत करोड़ों लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद भी कई बार ऐसी शिकायतें सुनने को मिलती हैं कि कार्ड धारकों को योजना में शामिल अस्पताल ही इलाज देने से मना कर देते हैं।
सीएमओ ने कहा कि अस्पताल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। सरकार के नियम भी साफ कहते हैं कि अगर पैनल में शामिल अस्पताल के पास संबंधित बीमारी का इलाज मौजूद है, तो वह मना नहीं कर सकता है। अगर कोई ऐसा करता है, तो अस्पताल पर कार्रवाई हो सकती है, उसे पैनल से हटाया जा सकता है।
कार्ड धारकों के पास शिकायत दर्ज करने के कई विकल्प भी मौजूद होते हैं। पीड़ित व्यक्ति ऐसे अस्पतालों की शिकायत ऑनलाइन उत्तर प्रदेश के हेल्पलाइन नंबर 180018004444 या 14555 पर भी कर सकता है। इसके अलावा ऑनलाइन वेबसाइट https://cgrms.pmjay.gov.in/GRMS/loginnew.htm पर जाकर Register Your Grievance पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद कैप्चा कोड डालकर योजना का चयन करना होगा और मांगी गई जानकारी भरकर आप शिकायत सबमिट कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होने पर एक ग्रिवेंस आईडी मिलती है, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है। टोल फ्री नंबर 14555 और उत्तर प्रदेश के हेल्पलाइन नंबर 180018004444 पर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
आयुष्मान सारथी ऐप से अस्पताल का पता कर सकते हैं
कार्ड धारक आयुष्मान कार्ड किसी अस्पताल में इस्तेमाल हो सकता है। इसकी जानकारी भी खुद पता कर सकते हैं। इसके लिए कार्ड धारक को अपने मोबाइल में आयुष्मान सारथी ऐप डाउनलोड करना होगा। इस ऐप से मुख्य रूप से नजदीकी सूचीबद्ध अस्पतालों को खोजने, उन तक पहुंचने के लिए नेविगेशन (Google Maps) और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी प्रदान होती है।
यह ऐप 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज के लिए निकटतम सरकारी और निजी अस्पताल आसानी से ढूंढने में मदद करता है।

