Uttar Pradesh

आरिल नदी को मिला नया जीवन, किसानों की हुई बल्ले-बल्ले! अब मुफ्त में कर सकेंगे खेतों की सिंचाई

Last Updated:January 15, 2025, 13:04 ISTMoradabad: इस बार जिले कि किसानों को सिंचाई के लिए पैसा नहीं खर्च करना होगा. खुदाई में दोबारा जीवंत हुई आरिल नदी के पाने से किसान खेतों को सींच सकते हैं. मुरदाबाद/पीयूष शर्मा: मुरादाबाद के बिलारी के ग्वारऊ गांव से निकलने वाली आरिल नदी की सात किलोमीटर खुदाई हो चुकी है. वर्षा के दिनों में नदी में पानी इकट्ठा हो जाएगा. इससे किसान फसलों की सिंचाई भी कर सकते हैं. इस नदी को नया जीवन मिलने से बिलारी ब्लाक को डार्क श्रेणी से भी बाहर निकाले जाने में मदद मिलेगी.

गांव से निकल रही नदीतहसील बिलारी के ग्वारऊ गांव से आरिल नदी निकलती है. जून 2023 में मनरेगा और श्रमदान के माध्यम से आरिल नदी की जमीन से कब्जे हटवाने के बाद प्रशासन ने खुदाई का काम शुरू किया था. विलुप्त होने वाली इस नदी की लंबाई करीब 42 किलोमीटर है. नदी के क्षेत्र में करीब 23 गांव आते हैं. प्रशासन ने प्रयास करके किसानों से कब्जे से आरिल नदी की जमीन को मुक्त करा लिया. इस साल वर्षा का पानी इस नदी में संचय होगा.

भिड़वारी में शुरू हुआ था कामबिलारी ब्लाक में भिड़वारी गांव से अरिल नदी की खुदाई का काम शुरू हुआ था. उस समय जिला और स्थानीय स्तर के अधिकारी इस कार्य में शामिल रहे. खुदाई से पहले नदी का अस्तित्व ही दिखाई नहीं दे रहा था. लेरिन राजस्व अभिलेखों के अनुसार चिह्नांकन कर नदी की भूमि से अवैध कब्जे हटवाकर खुदाई शुरू कराई गई. इसके बाद नदी अपने पुराने स्वरूप में आने लगी. बरसात में नदी पानी भरने से उफन गई.

सात किलोमीटर तक हुई खुदाईयहां से खोदाई आगे चलते हुए अभनपुर नरौली, सतारन अमरपुरकाशी गांव तक पहुंची और लगभग सात किलोमीटर के बाद काम बंद हो गया. इससे नदी को अपना स्वरूप मिल गया और बरसात में पानी भर जाने के कारण भूमिगत जल स्तर में भी सुधार होना तय है. भूगर्भ जल विभाग की टीम ने सर्वे के बाद बताया कि खुदाई के बाद नदी में पानी आने से भूमिगत पानी की रिचार्जिंग हुई है. सूखी पड़ी आरिल की खुदाई भी इसी योजना के तहत हुई है.

किसान कर सकेंगे मुफ्त में सिंचाईइस वर्षा में इसमें आने वाले पानी से किसानों की सिंचाई मुफ्त में होगी. इससे सैकड़ों किसानों का सिंचाई का पैसा बचेगा. हर गांव में बरसात का पानी बचाने के लिए कार्ययोजना बनाकर काम किया जा रहा है. जल स्तर देखने के लिए गांव-गांव पीजो मीटर लगाए जा रहे हैं. इसके लिए पहले सर्वे कराया जा रहा. इस योजना के लागू होने के बाद धरती मां की प्यास बुझेगी.

जलस्तर बढ़ाने के लिए हो रहे हैं कामसीडीओ सुमित यादव ने बताया कि विलुप्त होने वाली नदियों पर मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर लगातार काम हो रहा है. भूगर्भ जल स्तर बढ़ाने के लिए दूसरे काम भी हो रहे हैं. तालाबों के जीणोंद्धार का काम चल रहा है. आरिल नदी को नया जीवन देने का प्रयास किया गया था. इस वर्ष वर्षा के दिनों में आरिल नदी की खुदाई का लाभ किसानों को मिलेगा. नदी की आगे की खुदाई के लिए भी कार्ययोजना बनाकर काम कराया जाएगा.
Location :Moradabad,Uttar PradeshFirst Published :January 15, 2025, 13:04 ISThomeuttar-pradeshआरिल नदी को मिला नया जीवन, किसान भाई अब मुफ्त में कर सकेंगे सिंचाई

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