Last Updated:March 15, 2026, 11:37 ISTभारत के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद के हरीश राणा को निष्क्रिया इच्छामृत्यु की अनुमति दी है. कोर्ट ने एम्स नई दिल्ली को इस प्रक्रिया को करने का आदेश दिया है. 13 साल से कोमा में रहने वाले हरीश राणा को शनिवार को दिल्ली के एम्स ले जाया गया. इस दौरान हर किसी की आंखों में आंसू थे. हरीश राणा को एम्स लेकर गए पिता. Harish Rana passive Euthanasia in AIIMS: सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में भारत के इतिहास में पहली बार गाजियाबाद के रहने वाले 32 साल के हरीश राणा को इच्छामृत्यु की अनुमति दी. बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अदालत ने एम्स नई दिल्ली को यह आदेश दिया था कि वह हरीश को अस्पताल में भर्ती कर उनके लाइफ सपोर्ट सिस्टम को हटा दे. अब इसी आदेश पर अमल करने के लिए हरीश राणा को गाजियाबाद से दिल्ली एम्स ले जाया गया. वहां लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने की प्रकिया शुरू कर दी गई है.
यह है मामलाबता दें कि हरीश राणा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं. साल 2013 में पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के दौरान चंडीगढ़ में एक पेइंग गेस्ट हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए थे. इस दुर्घटना में उन्हें गंभीर सिर की चोट (ब्रेन इंजरी) आई और इलाज के बावजूद उनकी स्थिति बेहद गंभीर होती चली गई और वे कोमा में चले गए. मशीनों के सहारे सांस ले रहे हरीश राणा की कई मेडिकल रिपोर्ट्स में हालत में सुधार न दिखने के बाद उनके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की याचिका दायर की थी. पिछले 13 साल से बिस्तर पर परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट में पड़े हरीश के पेरेंट्स की इस याचिका को स्वीकार कर लिया गया.
भावुक भरा रहा दिनयूपी के गाजियाबाद स्थित राज एम्पायर सोसायटी में शनिवार का दिन हरीश राणा के परिवार के लिए बेहद भावुक भरा रहा. सोसायटी के लोगों को जब यह बात पता चली तो पूरे परिसर का माहौल अचानक बदल गया. पिछले कई दिनों से जो लोग दूर-दूर से हरीश को देखने और परिवार का हौसला बढ़ाने आ रहे थे, वे भी अब शांत और गमगीन थे. हालांकि, हरीश के पिता अशोक खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश करते नजर आए लेकिन उनकी आंखों में छिपा दर्द साफ दिख रहा था.
कल लेकर गए अस्पताल13 वर्षों से अचेत अवस्था में रहे हरीश राणा को इच्छामृत्यु की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनके पिता अशोक राणा और परिवार अस्पताल ले गए. अशोक राणा पहले ही कह चुके थे कि वे अपने बेटे को शांत और गोपनीय तरीके से अस्पताल लेकर जाएंगे. बताया जाता है कि शनिवार सुबह करीब 9 बजे वे अपने परिवार के साथ निजी वाहन से बेटे हरीश को लेकर दिल्ली के एम्स के लिए रवाना हुए. वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी.
क्या बोले पिता?पिता अशोक राणा ने कहा कि एम्स में विशेषज्ञों की निगरानी में हरीश का लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. हरीश को सांस लेने, फीड कराने के साथ मल त्याग के लिए नली लगी हुई है. बेटा अब हमें छोड़कर जा रहा है. राहत सिर्फ इतनी है कि उसे एक सम्मानजनक मृत्यु मिलेगी. इधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अखिलेश मोहन ने कहा कि उन्होंने हरीश के पिता से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. पहले हरीश राणा को एम्स ले जाने की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई. इसके बाद सीएमओ कार्यालय से एक कर्मचारी को घर भेजा गया, जहां पहुंचने पर घर के बाहर ताला लगा मिला.About the Authorकाव्या मिश्राKavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ेंLocation :Ghaziabad,Uttar PradeshFirst Published :March 15, 2026, 11:37 IST

