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आलू-गोभी की तरह उगेगी इलायची, पौधा देख चौंक जाएंगे पड़ोसी, जानें गमले में उगाने का तरीका – Uttar Pradesh News

Last Updated:December 30, 2025, 04:28 ISTHow to Grow Cardamom Plant : इलायची को मसालों की रानी कहा जाता है. अपनी खुशबू, तीखेपन और हल्की मिठास के कारण इलायची हर रसोई की शान मानी जाती है. चाहे मीठा पकवान हो या नमकीन, सब्जी हो या चाय, या पारंपरिक औषधि—इलायची हर जगह अपने स्वाद और गुणों से अलग पहचान बनाती है. अच्छी क्वालिटी वाली हरी इलायची बाजार में 3000 से 3500 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है. इसे हम अपने घर पर भी आसानी से उगा सकते हैं. आइए तरीका जानते हैं. इलायची को यूं ही मसालों की रानी नहीं कहा जाता. अपनी खुशबू, तीखेपन और हल्की मिठास के कारण इलायची हर रसोई की जरूरत बन गई है. अच्छी क्वालिटी वाली हरी इलायची 3000 से 3500 रुपये प्रति किलो तक बिकती है. ऐसे में आम आदमी के लिए इसे रोजमर्रा में इस्तेमाल करना महंगा सौदा बनता जा रहा है, लेकिन आप अपने घर पर बहुत ही कम लागत में, बिना किसी रसायन खादों का इस्तेमाल किए, गमले में ही प्राकृतिक तरीके से इसे उगा सकते हैं. गमले में उगाने के लिए छोटी इलायची के बीजों को बाजार से खरीद लें. बीज से उगाना थोड़ा मुश्किल होता है. ऐसे में नर्सरी से पौधा लेकर गमले में लगा सकते है. इसके लिए ठंडी जगह का चुनाव करें. घर के आंगन में, बालकनी में, छोटी इलायची की खेती आसानी से कर सकते हैं. खेती के लिए नमी वाली, जैविक खाद में मिली मिट्टी अच्छी होती है. मिट्टी में पत्तियों वाली खाद और नारियल के रेशे मिलाएं ताकि गमले में नमी बनी रहे. Add News18 as Preferred Source on Google इलायची की बुवाई करने के लिए 1 फिट लम्बा और चौड़ा गमला होना चाहिए. इसके लिए सामान्य मिट्टी, केंचुआ खाद और हल्की रेत का मिश्रण तैयार करें. गमले के नीचे छेद जरूर होना चाहिए ताकि पानी निकल सके. गमले में इलायची की बुवाई करते समय ध्यान देना बहुत जरूरी होता है. गमले में जल की निकासी करने की जगह जरूर बनाएं. गमले में जल निकासी के लिए छेद कर दें ताकि गमले में पानी न रुकने पाए. पानी ज्यादा रुकने से पौधा खराब हो जाता है. इलायची की बुवाई करने के बाद गमले को हल्की छांव वाली जगह पर रखें क्योंकि इलायची की पौधा बहुत ज्यादा धूप बर्दाश्त नहीं करता. हल्की छांव में इसकी ग्रोथ तेज होती है. इसे हर 3 से 4 महीने में एक बार जैविक खाद दें. कंपोस्ट खाद सरसों की खली का घोल भी इस्तेमाल कर सकते हैं. फूल आने और फल बनने के समय पोटेशियम युक्त खाद देना इसके उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है. इलायची के पौधे को अंकुर आने में 15 से 20 दिन लग जाते हैं. पौधे की देखभाल करना बहुत जरूरी होता है. पौधे के बड़े होने में 2-3 साल लगते हैं. इलायची की फली तब बनती है जब पौधा पूरी तरह तैयार हो जाता है. इलायची की फली तैयार हो जाए, तो इसे सुखाकर रख लें. पौधों से फली निकालकर धूप में सुखाएं और फिर उपयोग करें.न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :December 30, 2025, 04:28 ISThomelifestyleआलू-गोभी की तरह उगेगी इलायची, जानें गमले में उगाने की विधि, चौंक जाएंगे पड़ोसी

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