Uttar Pradesh

पूर्व सैनिकों की रजिस्ट्री दफ्तरों की सुरक्षा आखिर क्यों? जानिए किन हालातों ने लिया यह सख्त कदम

गाजियाबाद में रजिस्ट्री कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था अब पहले से ज्यादा मजबूत कर दी गई है. रोजाना बड़ी रकम के लेन-देन और बढ़ती भीड़ को देखते हुए सरकार ने अहम फैसला लिया है. अब तहसीलों में भूतपूर्व सैनिक तैनात किए गए हैं, जिससे अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित माहौल मिल पाएगा।

एआईजी स्टांप पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि अभी तक उत्तर प्रदेश के किसी भी रजिस्ट्री ऑफिस में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी. जबकि इन कार्यालयों में रोजाना बड़ी मात्रा में कैश ट्रांजैक्शन होता है. जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान लोग लाखों रुपये लेकर पहुंचते हैं. ऐसे में सुरक्षा की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी. इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने रजिस्ट्री कार्यालयों में भूतपूर्व सैनिकों की तैनाती का फैसला लिया है।

गाजियाबाद जिले को इस व्यवस्था के तहत 21 भूतपूर्व सैनिक मिले हैं. इनमें से 12 सुरक्षाकर्मियों को सदर तहसील, 6 को लोनी तहसील और 3 को मोदीनगर तहसील में तैनात किया गया है. गाजियाबाद सदर तहसील में कुल पांच रजिस्ट्री कार्यालय संचालित हैं. इन पांचों कार्यालयों में दो-दो सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. इसके अलावा रात के समय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो सुरक्षाकर्मी अलग से तैनात रहेंगे. यह व्यवस्था दिन-रात दोनों समय लागू रहेगी, ताकि किसी भी तरह की घटना को रोका जा सके.

तहसील परिसर के बाहर पुलिस की एक टुकड़ी तैनात

अधिकारियों का कहना है कि कई बार तहसीलों में असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं. रजिस्ट्री के दौरान भीड़ अधिक होने से विवाद की स्थिति भी बन जाती है. हालांकि तहसील परिसर के बाहर पुलिस की एक टुकड़ी तैनात रहती है, लेकिन अंदर स्थायी सुरक्षा नहीं होने से जोखिम बना रहता था. अब भूतपूर्व सैनिकों की तैनाती से तहसील में काम करने वाले अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा बेहतर होगी.

रजिस्ट्री कार्यालयों में जेब कटने और पैसे चोरी होने की घटनाएं भी समय-समय पर सामने आती रही हैं. बड़ी रकम लेकर आने वाले लोगों को कई बार असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता था. बीते कुछ समय पहले मोदीनगर तहसील में भी चोरी का प्रयास किया गया था. हालांकि चोर सफल नहीं हो पाए थे. इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग तेज हो गई थी.

लोगों में भरोसा बढ़ा

अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों में भरोसा बढ़ा है. सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी से अनावश्यक भीड़ पर नियंत्रण होगा और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी. प्रशासन का मानना है कि इस कदम से रजिस्ट्री प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित व व्यवस्थित बनेगी. साथ ही अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को भी राहत मिलेगी.

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