Uttar Pradesh

आजमगढ़ में मिले ७,९०,७७५ डुप्लीकेट वोटर्स, एआई की नजर से नहीं छिप पाए

आजमगढ़ में डुप्लीकेट मतदाता पाए गए, सत्यापन शुरू

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले बड़ी संख्या में डुप्लीकेट मतदाता पाए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के माध्यम से 7,90,775 डुप्लीकेट मतदाता पाए गए हैं। प्रशासन ने इन्हें सत्यापित करने के लिए सभी 22 विकास खंडों में भेज दिया है।

जिला प्रशासन का कहना है कि सत्यापन के बाद जो मतदाता गलत पाए जाएंगे, उन्हें मतदाता सूची से बाहर कर दिया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी सूची में डुप्लीकेट मतदाताओं की संख्या इतनी अधिक है कि प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ रही है। एआई आधारित सर्वे के जरिए बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है।

नोडल अधिकारियों की निगरानी में यह काम तेजी से चल रहा है। जांच पूरी होने के बाद सही पाए गए डुप्लीकेट मतदाताओं की रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी। जानकारी के अनुसार, साल 2021 में जिले की 1811 ग्राम पंचायतों में कुल 37,20,084 मतदाता थे। तब 22,820 ग्राम पंचायत सदस्य, 2104 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 84 जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए चुनाव हुए थे।

इस बार मतदाता पुनरीक्षण अभियान 18 अगस्त से शुरू किया गया है और जिले में 2180 बीएलओ की ड्यूटी लगी है। इस अभियान के दौरान एआई तकनीक की मदद से डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान की गई है। जिला पंचायत निर्वाचन कार्यालय ने सूची को ब्लॉक स्तर पर भेजते हुए बीएलओ को सत्यापन का कार्य सौंपा है।

सॉफ्टवेयर ने एक ही नाम, उम्र, पते या हुलिए के आधार पर डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान की है। प्रशासन अब मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन कर रहा है। पंचायत नियमावली के तहत नाम जोड़ने और हटाने का काम भी किया जा रहा है। ब्लॉकवार डुप्लीकेट मतदाता इस प्रकार पाए गए हैं – रानी की सराय: 32,189 तहबरपुर: 34,990 मिर्जापुर: 31,415 मुहम्मदपुर: 31,211 पल्हनी: 48,998 लालगंज: 46,566 ठेकमा: 50,718 तरवां: 48,637 मेंहनगर: 41,212 जहानागंज: 30,858 सठियांव: 34,933 बिलरियागंज: 29,540 अजमतगढ़: 39,336 महराजगंज: 37,318 हरैया: 39,196 फूलपुर: 36,681 पवई: 41,227 मार्टीनगंज: 21,169 कोयलसा: 31,168 अतरौलिया: 20,524 अहरौला: 39,459 पल्हना: 23,430

एडीएम प्रशासन राहुल विश्वकर्मा ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर एक ही नाम, उम्र, पता या हुलिए के आधार पर डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान कर रहा है। बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं और सूची को दुरुस्त करने का कार्य पंचायत नियमावली के अनुसार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी।

पंचायत चुनाव को सबसे कठिन माना जाता है क्योंकि एक-एक वोट की अहमियत होती है। पिछले चुनावों में कई जगह मामूली वोटों से जीत-हार तय हुई थी, कुछ स्थानों पर तो टॉस से विजेता चुना गया। ऐसे में हजारों नाम हटाए जाने से चुनावी परिदृश्य पर असर पड़ेगा। केवल उन्हीं नामों को हटाया जाएगा जो एक ही व्यक्ति के कई स्थानों पर दर्ज हैं। नाम हटाने से पहले उनसे प्रमाण मांगे जाएंगे। हालांकि, डुप्लीकेट मतदाता सत्यापन शुरू होते ही कई संभावित दावेदारों की चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि कुछ लोग चुनाव में लाभ के लिए अपने पक्ष के लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराते हैं।

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