Uttar Pradesh

A wonderful miracle of faith! A peepal tree has captured the idol of Lord Hanuman within itself.

Last Updated:January 17, 2026, 17:17 ISTSultanpur news: बाबा सहज राम आश्रम के मुख्य द्वार पर पकड़ के इस वृक्ष के लोग पूजा करते हैं. मंगलवार के दिन विशेष पूजा का आयोजन होता है.ख़बरें फटाफटसुल्तानपुरः भारत प्राचीन काल से ही देवी देवताओं के साथ-साथ प्रकृति की पूजा करता चला रहा है. प्रकृति में नदियों, पहाड़ों,सूर्य, चंद्रमा,वृक्षों की पूजा भारतीय आस्था का पारंपरिक इतिहास मानी जाती रही है. इसी मान्यता को आगे बढ़ाते हुए सुल्तानपुर जिले में आज हम बताने वाले हैं एक ऐसे पाकड़ वृक्ष के बारे में जिसकी आयु लगभग 450 वर्षों से भी अधिक पुरानी है. जहां पर एक हनुमान जी की प्रतिमा रखी गई थी.कुछ वर्षों बाद जब उसे हटाने की कोशिश की गई तो प्रतिमा हटी ही नहीं और पाकड़ वृक्ष ने उस प्रतिमा को अपनी शाखा में कैद कर लिया तो आइए जानते हैं क्या है इस वृक्ष का इतिहास और किस तरह से आस्था का केंद्र बना.

450 साल पुराना है इतिहास

सुल्तानपुर मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर बंधुआ कला गांव में स्थित पाकड़ का यह वृक्ष बाबा सहजराम आश्रम के मुख्य द्वार के ठीक सामने स्थित है इस आश्रम के महंत डॉ स्वामी दयानंद मुनि लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताते हैं कि जब बाबा सहज राम आश्रम की स्थापना की गई उसी दरमियान इस पकड़ वृक्ष को भी लगाया गया या पकड़ का वृक्ष लगभग 450 वर्ष की आयु पूरा कर चुका है और यहां पर एक हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की गई बाद में जब प्रतिमा को दूसरी जगह पर हटाने का प्रयास किया गया तब या प्रतिमा पकड़ के वृक्ष में जाकर उठी थी और उसे कोई हटा नहीं पाया लोगों का ऐसा मानना है कि हनुमान जी इस वृक्ष से अलग नहीं होना चाहते थे इसी वजह से उनकी प्रतिमा को इस वृक्ष ने जकड़ कर रख लिया है.

मंगलवार को होता है विशेष पूजा

बाबा सहज राम आश्रम के मुख्य द्वार पर पकड़ के इस वृक्ष के लोग पूजा करते हैं मंगलवार के दिन विशेष पूजा का आयोजन होता है अगर आप भी इस अद्भुत वृक्ष और हनुमान जी का दर्शन करना चाहते हैं तो आपको सुल्तानपुर मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर बंधुआ कला गांव में आना होगा. यहां बाबा सहज राम आश्रम के पूरब दिशा पर स्थित मुख्य द्वार के ठीक सामने पकड़ का यह वृक्ष मौजूद है जो सुल्तानपुर के ऐतिहासिक धरोहर को संजोकर रखे हुए है.About the AuthorRajneesh Kumar Yadavमैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ेंLocation :Sultanpur,Uttar PradeshFirst Published :January 17, 2026, 17:17 ISThomeuttar-pradesh450 साल पुराना यह पेड़ अपने अंदर कैद किया है हनुमान जी की मूर्ति

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