कन्नौज. उत्तर प्रदेश की कन्नौज विधानसभा सीट चुनावी राज्य की वीआईपी सीटों में से एक है. इत्र-नगरी के नाम से मशहूर यह शहर कुछ दिन पहले ही इनकम टैक्स और ईडी के छापों की वजह से सुर्खियों में था. इसके बाद ज्यों ही यूपी कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी के चुनाव क्षेत्र के रूप में कन्नौज के चयन का ऐलान हुआ, तो एक बार फिर सियासी जानकार इस सीट के समीकरणों की बात करने लगे. यूं तौ कन्नौज समाजवादी पार्टी के गढ़ के रूप में जानी जाती है, लेकिन बदले राजनीतिक परिदृश्य में चुनावी ऊंट किस करवट बैठेगा, इसको लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं.साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कन्नौज सदर सीट के वीआईपी होने की वजह यहां से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में पूर्व पुलिस आयुक्त असीम अरुण (BJP Candidates Asim Arun) का उतरना है. उनके खिलाफ सपा ने मौजूदा विधायक अनिल दोहरे को ही फिर से मैदान-फतह की जिम्मेदारी सौंपी है. दोहरे, यहां से पिछली बार जीते जरूर थे, लेकिन मतों का अंतर कम था. साथ ही कन्नौज की दो अन्य सीटें भाजपा ने कब्जा ली थीं. इसलिए भाजपा को इस बार उम्मीद है कि कन्नौज सदर भी उसकी झोली में आ सकता है. उधर, समाजवादी पार्टी भी पूरा जोर लगाए है कि कोई उसके किले में सेंध न लगाने पाए. लिहाजा, चुनावी जंग रोचक हो चली है. भाजपा ने 2 सीटें जीतीं, कन्नौज सपा के पास रहा कन्नौज तीन विधानसभा क्षेत्रों में बंटा हुआ है. इनमें कन्नौज सदर (एससी), तिरवा और छिबरामऊ शामिल है. न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी की ये विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाती है. सपा के अभेद्य किले को अब तक कोई विपक्षी पार्टी भेद नहीं पाई है. साल 2017 के चुनाव में बीजेपी ने तिरवा और छिबरामऊ पर जीत हासिल की थी, लेकिन कन्नौज सदर में मामूली अंतर से ही वह एंट्री करने में विफल रही. यही वजह है कि इस साल बीजेपी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है. भाजपा ने 2 सीटें जीतीं, कन्नौज सपा के पास रहा आगे पढ़ेंब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |
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