नई दिल्ली: आईपीएल (IPL) में खेलने का सपना हर किसी का होता है, क्योंकि यहां खेलने पर प्लेयर्स को पैसा और शोहरत दोनों ही मिलती है. आईपीएल मेगा ऑक्शन (IPL Mega Auction) का आयोजन बेंगलोर में हो रहा है, इसमें टीम इंडिया (Team India) की टेस्ट टीम की तरफ से खेलने वाले एक स्टार खिलाड़ी को किसी भी टीम ने खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है. इससे इस खिलाड़ी का आईपीएल करियर खत्म होने की कगार पर है. इस खिलाड़ी के करियर पर पावरब्रेक लगते हुए दिखाई दे रहे हैं.
इस खिलाड़ी को नहीं मिला खरीददार
टीम इंडिया (Team India) की टेस्ट टीम की दीवार कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा को कोई भी खरीददार नहीं मिला है. चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) ने आईपीएल (IPL) में ज्यादा मुकाबले नहीं खेले हैं. साल की 2021 की नीलामी में चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) ने उन्हें बेस प्राइज में खरीदा, लेकिन वो पूरे सीजन में बेंच पर ही बैठे रहे, लेकिन उन्हें बेंच पर ही बैठे-बैठे चैंपियन बनने की खुशी मिली थी. तब सीएसके ने केकेआर को हराकर खिताब जीता था.
Cheteshwar Pujara is also UNSOLD #TATAIPLAuction @TataCompanies
— IndianPremierLeague (@IPL) February 13, 2022
बहुत कम आईपीएल खेले हैं पुजारा
चेतेश्वर पुजारा ने आईपीएल (IPL) में बहुत ही कम मैच खेले हैं. पुजारा ने साल 2010 में कोलकाता नाइटराइडर्स की तरफ से आईपीएल में डेब्यू किया था. 2011 से 2013 तक वो आरसीबी का हिस्सा रहे. वह अपने बल्ले का कमाल कभी भी टी20 में नहीं दिखा पाए. इसी वजह से उनको खरीदने में किसी भी टीम ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है. पुजारा ने आईपीएल के 30 मैचों में 390 रन बनाए हैं. 2014 में उन्होंने अपना आखिरी मैच पंजाब किंग्स की तरफ से खेला था. उसके बाद उन्हें एक भी मैच खेलने का नसीब नहीं हुआ है.
धीमी बल्लेबाजी के लिए होती रही आलोचना
चेतेश्वर पुजारा की धीमी बल्लेबाजी को लेकर हमेशा ही आलोचना होती रही है. जारा टेस्ट फॉर्मेट के स्पेशलिस्ट बल्लेबाज माने जाते हैं और कई सालों से वो सिर्फ लंबे फॉर्मेट में ही खेलते नजर आ रहे हैं. इतना ही नहीं कुछ वक्त से वो टेस्ट फॉर्मेट में भी काफी संघर्ष रहे हैं. पुजारा का आईपीएल रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है. यही वजह है कि कोई भी IPL टीम उनमें दिलचस्पी नहीं दिखाती.
टीम इंडिया की टेस्ट टीम के अहम सदस्य
चेतेश्वर पुजारा को भारतीय टेस्ट टीम की दीवार कहा जाता है, क्योंकि वह दिग्गज राहुल द्रविड़ की तरह ही पिच पर जमजाते हैं. उन्हें आउट करना किसी भी बल्लेबाज के लिए बस की बात नहीं है, लेकिन पिछले कुछ सालों में उनका बल्ला खामोश ही रहा है और घरेलू क्रिकेट में कई शानदार बल्लेबाज उनकी जगह लेने के लिए तैयार दिखाई देते हैं. उनकी धीमी गति से बल्लेबाजी करने को लेकर भी आलोचना होती रही है.
Family dinners may reduce teenage alcohol, drug and vaping use, study finds
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