अदिलाबाद: कोंडगट्टु हनुमान मंदिर में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां 13 भक्तों को हल्की चोटें लगी और 2 भक्तों को गंभीर चोटें लगीं। यह घटना तब हुई जब मंदिर में केशकंदनम के लिए बने बांस के झोपड़े का पत्थर गिर गया। यह झोपड़ा इतना बड़ा था कि उसमें कई भक्तों के सिर पर गिर गया। यह झोपड़ा इतना बड़ा था कि उसमें कई भक्तों के सिर पर गिर गया और कई भक्तों को हल्की चोटें लगीं।
यह घटना तब हुई जब हनुमान जयंती के अवसर पर Hundreds of भक्त मंदिर में दर्शन करने के लिए आए थे। यह घटना तब हुई जब मंदिर में केशकंदनम के लिए बने बांस के झोपड़े का पत्थर गिर गया। यह झोपड़ा इतना बड़ा था कि उसमें कई भक्तों के सिर पर गिर गया। यह झोपड़ा इतना बड़ा था कि उसमें कई भक्तों के सिर पर गिर गया और कई भक्तों को हल्की चोटें लगीं।
यह घटना तब हुई जब मंदिर में केशकंदनम के लिए बने बांस के झोपड़े का पत्थर गिर गया। यह झोपड़ा इतना बड़ा था कि उसमें कई भक्तों के सिर पर गिर गया। यह झोपड़ा इतना बड़ा था कि उसमें कई भक्तों के सिर पर गिर गया और कई भक्तों को हल्की चोटें लगीं।
यह घटना तब हुई जब हनुमान जयंती के अवसर पर Hundreds of भक्त मंदिर में दर्शन करने के लिए आए थे। यह घटना तब हुई जब मंदिर में केशकंदनम के लिए बने बांस के झोपड़े का पत्थर गिर गया। यह झोपड़ा इतना बड़ा था कि उसमें कई भक्तों के सिर पर गिर गया। यह झोपड़ा इतना बड़ा था कि उसमें कई भक्तों के सिर पर गिर गया और कई भक्तों को हल्की चोटें लगीं।
यह घटना तब हुई जब मंदिर में केशकंदनम के लिए बने बांस के झोपड़े का पत्थर गिर गया। यह झोपड़ा इतना बड़ा था कि उसमें कई भक्तों के सिर पर गिर गया। यह झोपड़ा इतना बड़ा था कि उसमें कई भक्तों के सिर पर गिर गया और कई भक्तों को हल्की चोटें लगीं।
दो भक्तों को गंभीर चोटें लगी हैं और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना तब हुई जब हनुमान जयंती के अवसर पर Hundreds of भक्त मंदिर में दर्शन करने के लिए आए थे। यह घटना तब हुई जब मंदिर में केशकंदनम के लिए बने बांस के झोपड़े का पत्थर गिर गया। यह झोपड़ा इतना बड़ा था कि उसमें कई भक्तों के सिर पर गिर गया। यह झोपड़ा इतना बड़ा था कि उसमें कई भक्तों के सिर पर गिर गया और कई भक्तों को हल्की चोटें लगीं।
यह घटना के बाद मंदिर के प्रबंधकों ने कहा है कि उन्होंने मंदिर में केशकंदनम के लिए बने बांस के झोपड़े को हटा दिया है। यह घटना के बाद मंदिर में केशकंदनम के लिए बने बांस के झोपड़े को हटा दिया गया है।

