भुवनेश्वर: विश्व कविता दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध गायिका सुस्मिता दास ने अपने हाल ही में जारी संगीत एल्बम ‘कबिता मू लेखे’ से एक आत्मीय गीत का अनावरण किया, जिससे श्रोताओं को प्रेम और भावनाओं की एक नरम अभिव्यक्ति से आकर्षित किया गया। यह गीत, प्रसिद्ध लेखिका डॉ. प्रतिभा राय के प्रेरणादायक कविताओं पर आधारित है, जो संबंधों में विरोधाभासों की सुंदरता को दर्शाता है। गीत के शब्दों में अंतरों को सूक्ष्मता से जोड़ा गया है, जिससे यह सुझाव दिया जाता है कि साम्य से भिन्नता के माध्यम से ही संगति प्राप्त हो सकती है। सुस्मिता की प्रस्तुति कविता में छिपी लंबित और प्रेम की हल्की-फुल्की छायाओं को जीवंत बनाती है, जिससे गीत को सुनने वालों की भावनात्मक स्तर पर प्रतिध्वनित किया जाता है। संगीतकार बिस्वजीत महापात्रा की संगीत रचना कवितात्मक गहराई को पूरक करती है, जो कविता की सूक्ष्मताओं को एक नरम और संवेदनशील व्यवस्था के साथ प्राप्त करती है। वीडियो एल्बम के दृश्यों ने अनुभव को और भी बढ़ावा दिया है, जिसमें बिद्युत सेठी द्वारा नृत्य निर्देशन ने सौंदर्य और अभिव्यक्ति की गति को जोड़ा, जो विषय के साथ संगत रूप से जुड़ गया है। एल्बम ‘कबिता मू लेखे’, जो यूट्यूब पर उपलब्ध है, ने पहले से ही अपने अद्वितीय संकल्पना के लिए ध्यान आकर्षित किया है, जिसमें कविता और संगीत को मिलाकर एक नई दिशा दी गई है, और इस वर्तमान प्रस्तुति ने विश्व कविता दिवस को और भी आकर्षक बनाया है।
हाई-लाइफ एक्सहिबिशन 21 मार्च को हाइसीसी, हैदराबाद में शुरू किया गया
हैदराबाद: सबसे बड़े फैशन और लाइफस्टाइल एक्सहिबिशन ब्रांड “हिलाइफ एक्सहिबिशन” ने अब एक एक्सक्लूसिव फैशन, त्योहारी मौसम और…

