Uttar Pradesh

मार्च में ही शुरू हुआ गर्मी का कहर, यहां जानिए लू और तेज धूप से बचने के आसान उपाय।

मार्च के महीने में गर्मी का असर दिखना शुरू हो गया है। इस समय सुबह से ही तेज धूप निकलना शुरू हो जाता है और दोपहर तक तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे में लोगों को मजबूरी में घर से बाहर निकलना पड़ रहा है। जब मार्च में ही तापमान इतना बढ़ रहा है, तो आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की संभावना है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को अपने स्वास्थ्य और दिनचर्या के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों के अनुसार तेज धूप और गर्मी से बचने के लिए दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बहुत जरूरी हो, तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर ही बाहर निकलें। गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। साथ ही नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और मौसमी फलों का सेवन करना भी फायदेमंद होता है।

मार्च में दिन और रात के तापमान में भी काफी अंतर देखा जा रहा है। दिन में तेज गर्मी होती है, जबकि रात में हल्की ठंडक बनी रहती है। ऐसे में अचानक गर्म जगह से ठंडी जगह पर नहीं जाना चाहिए और न ही तुरंत ठंडा पानी पीना चाहिए। इसके अलावा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें, क्योंकि पसीने के कारण इंफेक्शन और एलर्जी होने का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टर साऊद के अनुसार, गर्मी से बचाव के लिए लोगों को तेज धूप में कम से कम बाहर निकलना चाहिए। यदि धूप में निकलना पड़े, तो सीधे ठंडी जगह पर बैठने से बचें और तुरंत ठंडा पानी न पिएं, क्योंकि इससे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कई लोग धूप से आने के बाद चाय की दुकानों या आग के पास बैठ जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए ऐसी जगहों से बचना चाहिए। धूप से बचाव के लिए हमेशा रुमाल या गमछे का इस्तेमाल करें।

उन्होंने बताया कि गर्मी और लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए कड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहले से ही कोल्ड रूम की व्यवस्था कर दी गई है। यहां 6 बेड की सुविधा उपलब्ध है। यदि कोई मरीज लू या अत्यधिक गर्मी की समस्या के साथ आता है, तो उसे तुरंत कोल्ड रूम में भर्ती कर उचित उपचार दिया जाएगा।

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