Uttar Pradesh

मुरादाबाद का तांबे का कलश | मुरादाबाद की तांबे की हस्तशिल्प | मुरादाबाद अस्थि कलश

उत्तर प्रदेश की पीतल नगरी मुरादाबाद अब सात समंदर पार अंग्रेजों की यादें संजोने का केंद्र बन गई है. यहां के हुनरमंद कारीगर विशेष रूप से विदेशी ग्राहकों के लिए एल्युमिनियम और पीतल के ‘अस्थि कलश’ तैयार कर रहे हैं. इन कलशों की खासियत यह है कि इनमें दिवंगत व्यक्तियों की फोटो और नाम भी जड़े जाते हैं, ताकि पहचान सुरक्षित रहे. 1800 रुपये से शुरू होने वाले ये आकर्षक कलश न केवल अस्थियां सुरक्षित रखते हैं, बल्कि सजावट के काम भी आते हैं।

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश की ‘पीतल नगरी’ मुरादाबाद अपने बारीक हुनर के लिए दुनियाभर में मशहूर है. यहां के कारीगर न केवल बर्तन और सजावटी सामान बनाते हैं, बल्कि अब सात समंदर पार रहने वाले अंग्रेजों की भावनाओं को भी सहेज रहे हैं. मुरादाबाद में इन दिनों विशेष प्रकार के ‘अस्थि कलश’ (Urns) तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें अंग्रेज अपने प्रियजनों की अस्थियों को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं. आधुनिक तकनीक और परंपरा के संगम से बने ये कलश अब विदेशों में बड़ी मांग में हैं।

विदेशी मेहमानों की पसंद. अंग्रेजों के लिए खास तैयारी

मुरादाबाद में पीतल के साथ-साथ अन्य धातुओं जैसे कांसा और एल्युमिनियम का बड़े पैमाने पर कारोबार होता है. वहीं, अब यहां पर खास अंग्रेजों के लिए अस्थियां संरक्षित करने वाले विशेष कलश तैयार किए जाते हैं. ये कलश दिखने में बेहद आकर्षक और कलात्मक होते हैं. हालांकि, भारत में कई लोग इनका उपयोग घर की सजावट (डेकोरेशन) के लिए भी करते हैं, लेकिन विदेशों में, विशेषकर ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों में, इनका उपयोग दिवंगत लोगों की अस्थियों को संजोकर रखने के लिए किया जाता है।

हर साइज में उपलब्ध और सुरक्षित तकनीक

एल्युमिनियम कारोबारी रसीद अहमद बताते हैं कि वे पिछले दो वर्षों से एल्युमिनियम के विभिन्न उत्पाद तैयार कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि अंग्रेजों में मृत्यु के बाद अस्थियों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की परंपरा है, जिसके लिए वे इन विशेष कलशों की मांग करते हैं. ये कलश छोटे से लेकर बड़े तक, हर साइज में उपलब्ध हैं. इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें रखी गई अस्थियां कभी खराब नहीं होतीं और दशकों तक सुरक्षित बनी रहती हैं।

फोटो और नाम के साथ कस्टमाइजेशन की सुविधा

कारीगरों ने अब इस पारंपरिक काम में आधुनिकता का तड़का भी लगा दिया है. रसीद अहमद के अनुसार, ग्राहक की पसंद पर कलश पर दिवंगत व्यक्ति की फोटो और नाम भी जड़ दिया जाता है. इससे परिजनों को यह पहचानने में आसानी होती है कि किस कलश में किसकी अस्थियां सुरक्षित हैं. जहां छोटे साइज के कलश सजावट के काम आते हैं, वहीं बड़े कलश अस्थियों के लिए निर्यात किए जाते हैं।

काफी धिक होती है अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत

भारत में इन कलात्मक कलशों की शुरुआती कीमत लगभग 1800 रुपये है. चूंकि ये उत्पाद विदेशों में निर्यात किए जाते हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत काफी अधिक होती है. अंग्रेज पर्यटक और विदेशी कंपनियां मुरादाबाद के इस हुनर को काफी पसंद कर रही हैं, जिससे स्थानीय कारोबारियों को भी नई पहचान मिल रही है.

You Missed

authorimg
Uttar PradeshMar 16, 2026

मनमोहन सिंह 10 साल सरकार में थे, तो कांशीराम को ‘भारत रत्न’ क्यों नहीं दिया? बसपा नेता ने राहुल गांधी को घेरा

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम…

Senior Congress Leader T. Jeevan Reddy to Quit Party After 40 Years; Set to Join BRS
Top StoriesMar 16, 2026

सीनियर कांग्रेस नेता टी. जीवन रेड्डी 40 वर्षों के बाद पार्टी छोड़ने की तैयारी में; बीआरएस में शामिल होने की संभावना

हैदराबाद: कांग्रेस पार्टी के लिए जगतियाल जिले में एक दिलचस्प मोड़ आया है, जब वरिष्ठ नेता और पूर्व…

perfGogleBtn
Uttar PradeshMar 16, 2026

मेरठ में युवाओं के लिए कम शुल्क आईटीआई कोर्स | आईटीआई प्रवेश 2026 मेरुत | मेरठ में सरकारी आईटीआई कोर्स की जानकारी

मेरठ के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रहे हैं। इन…

Scroll to Top