विदेशी खीरा : एक नवाचार जो किसानों को मुनाफा दिला रहा है
गर्मियों के मौसम में खीरे की मांग तेजी से बढ़ जाती है. सलाद, रायता और अन्य डिशेज में इसका खूब इस्तेमाल होता है. खीरे में पानी और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करती है. खीरी जिले के कड़ियां गांव के प्रगतिशील किसान विक्रमेंद्र प्रसाद भल्ला ने नेट हाउस में विदेशी खीरे की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे है. उन्होंने बताया कि इंडो-इजराइल दौरे के दौरान उन्होंने इस खेती के बारे में सीखा और अपने गांव में इसकी शुरुआत की.
विदेशी खीरा खाने में मीठा, चिकना और लगभग बिना बीज का होता है, जिसे छीलने की भी जरूरत नहीं पड़ती. इसका वजन 100 से 200 ग्राम तक होता है. यह खीरा लखनऊ और दिल्ली की मंडियों में 30 से 40 रुपये किलो बिकता है. किसान के अनुसार एक एकड़ में करीब 400 कुंतल तक उत्पादन आसानी से मिल जाता है. यह नवाचार किसानों को अच्छा मुनाफा दिला रहा है और उनकी आय में वृद्धि कर रहा है.

