अयोध्या में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के कारण श्रद्धालुओं को खाने-पीने में दिक्कतें आ रही थीं। इस समस्या के समाधान के लिए अयोध्या व्यापार मंडल ने कोयला इलेक्ट्रॉनिक चूल्हा और भट्टी की तैयारी शुरू कर दी है। अब अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को भट्ठी और कोयल पर बने पकवान परोसने की तैयारी चल रही है।
इससे पहले मठ मंदिरों में संचालित निशुल्क भोजन प्रसाद के सामने भी गैस सिलेंडर को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब गैस सिलेंडर की वजह से बंद पड़ी राम रसोई में भी कोयले की भट्टी और इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे को लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
अयोध्या के राम रसोई के मैनेजर पंकज ने बताया कि गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से अब हम लोग इलेक्ट्रिक चूल्हा तथा कोयले की भट्टी की व्यवस्था की जा रही है। यह व्यवस्था तेजी के साथ की जा रही है ताकि जो भी श्रद्धालु अयोध्या आते हैं, वह भोजन आसानी से कर सकें। जैसे पहले व्यवस्था चलती थी, वैसे व्यवस्था आगे चलती रहेगी। ऐसी तैयारी हम लोग कर रहे हैं और सरकार भी गैस सिलेंडर को लेकर लगातार प्रयास भी कर रही है।
युद्ध की वजह से थोड़ी बहुत समस्या देखने को मिली है, लेकिन सरकार दूसरे देशों से बात करके समस्या का निदान भी कर रही है। खाना बनाने की पुरानी पद्धति बनी होटल संचालकों का सहारा हो गई है। होटल व्यापारी अमन ने बताया कि अयोध्या में सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिसकी वजह से परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं। लेकिन अब हम लोग पुरानी पद्धति को अपने जा रहे हैं और होटल और रेस्टोरेंट पर कोयले की भट्टी की व्यवस्था में लोग कर रहे हैं।
ताकि जो भी श्रद्धालुओं वह आसानी से होटल और रेस्टोरेंट में अपने मन पसंदीदा भोजन को ग्रहण कर सके। होटल व्यापारी रंजीत ने बताया कि गैस की वजह से हम लोगों के व्यापार पर भी संकट है। अब हम लोग को पुरानी व्यवस्था लागू करनी पड़ी जैसे पहले कोयले की भट्टी पर सभी पकवान बनाए जाते थे, उसी तरह अब हम लोग तैयारी भी कर रहे हैं।
इस प्रकार, अयोध्या में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के कारण श्रद्धालुओं को खाने-पीने में दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन अब अयोध्या व्यापार मंडल ने कोयला इलेक्ट्रॉनिक चूल्हा और भट्टी की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे श्रद्धालुओं को भट्ठी और कोयल पर बने पकवान परोसने की तैयारी चल रही है।

