Uttar Pradesh

किसानों ध्यान दें! पोर्टल पर शुरू हुई गेहूं विक्रय प्रक्रिया, रजिस्ट्रेशन जल्दी कराएं

Last Updated:March 13, 2026, 16:52 ISTजिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप ने गेहूं खरीद की तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक बुलाई. बैठक में सभी क्रय केंद्रों को 17 मार्च से पहले सक्रिय करने, किसानों का पंजीकरण कराने और केंद्रों पर सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए. प्रशासन ने किसान सुविधाओं और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है. जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप ने कलेक्ट्रेट सभागार में गेहूं खरीद की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई. इस बैठक में एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्र और जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश मोहन पांडेय समेत कई अधिकारी मौजूद रहे. डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी स्वीकृत 158 केंद्रों पर 17 मार्च से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं. प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी क्रय केंद्र केवल कागजों पर न रहे. डीएम ने सभी क्रय संस्थाओं के जिला स्तरीय अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे अपने-अपने केंद्रों को भौतिक रूप से क्रियाशील करें. केंद्रों पर आवश्यक उपकरण, अभिलेख और किसानों के बैठने और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का इंतजाम समय रहते पूरा करने को कहा गया है. गेहूं की फसल को सरकारी केंद्रों पर बेचने के लिए किसानों का पंजीकरण जरूरी है. खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है. प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे जनसुविधा केंद्रों या अपने मोबाइल के माध्यम से जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं ताकि उन्हें अपनी उपज का लाभकारी मूल्य मिल सके और देरी न हो. Add News18 as Preferred Source on Google किसानों की शिकायतों और सुझावों के त्वरित निस्तारण के लिए जिला प्रशासन ने एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया है. इसके लिए लैंडलाइन नंबर 05842-221986 और व्हाट्सएप नंबर 9519063411 जारी किया गया है. किसान किसी भी समस्या या जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका को खत्म किया जा सके. प्रशासन ने किसानों से विशेष अनुरोध किया है कि वे केंद्रों पर गेहूं लाने से पहले उसे अच्छी तरह सुखा लें और साफ कर लें. गेहूं की खरीद निर्धारित मानकों के अनुरूप ही की जाएगी. नमी की मात्रा मानक से अधिक होने पर खरीद में दिक्कत आ सकती है, इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें. बैठक के दौरान क्रय संस्थाओं को अपने क्षेत्रीय मंडी सचिवों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए. सभी केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, छलना और नमी मापक यंत्र जैसे उपकरण उपलब्ध होने चाहिए. किसी भी केंद्र पर संसाधनों की कमी के कारण खरीद कार्य बाधित नहीं होना चाहिए, इसकी जिम्मेदारी संबंधित संस्था के प्रभारियों की तय की गई है. खरीद प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए केंद्र प्रभारियों की उपस्थिति जरूरी की गई है. डीएम ने निर्देश दिया है कि 17 मार्च से सभी केंद्र प्रभारी प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक अनिवार्य रूप से केंद्रों पर मौजूद रहेंगे. लापरवाही बरतने वाले प्रभारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है ताकि किसानों को कोई असुविधा न हो.First Published :March 13, 2026, 16:52 IST

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