उत्तर प्रदेश में एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय बैठक की. उन्होंने कहा कि प्रदेश में डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है और रसोई गैस की कमी के अफवाह से बचना चाहिए. मुख्यमंत्री ने तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की और रसोई गैस आपूर्ति-वितरण की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों में घबराहट न फैलने दें और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करें.
मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, अस्पतालों, धर्मशालाओं, होटलों और विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों से संवाद स्थापित कर वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि खाद्य और रसद विभाग कंट्रोल रूम बनाए और हर जिले की 24×7 मॉनीटरिंग की जाए. मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और तेल कंपनियों के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की घबराहट की स्थिति न बनने दी जाए. आमजन को समय-समय पर सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर कृत्रिम कमी उत्पन्न न होने पाए और जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी की बुकिंग कराई है, उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार समयबद्ध ढंग से सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. उपभोक्ताओं को उनकी अगली रिफिल की संभावित तिथि के संबंध में भी समुचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, जितना अफवाहों के माध्यम से प्रचारित करने का प्रयास किया जा रहा है. तेल कंपनियां प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एलपीजी की आपूर्ति और वितरण की वास्तविक स्थिति के बारे में आमजन को नियमित रूप से अवगत कराएं. केंद्र सरकार भी आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई वितरक एजेंसी अथवा निजी व्यक्ति कालाबाजारी या जमाखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए.
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर एलपीजी वितरक केंद्रों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति न बने और वितरण कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए विकल्प के रूप में प्रदेश को 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया जाए और आवश्यकता के अनुसार इसका यथोचित वितरण सुनिश्चित किया जाए.

