मां पूर्णागिरी धाम में लक्खी मेला शुरू, देशभर के श्रद्धालु आकर्षित
साल 2026 में होली के बाद टनकपुर की पहाड़ियों पर स्थित मां पूर्णागिरी धाम में लक्खी मेला शुरू हो चुका है. यह शक्तिपीठ देशभर के श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है. पीलीभीत से सड़क और ट्रेन के जरिए आसानी से पहुंच संभव है. यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का संगम भी है.
पौराणिक महत्व के अनुसार, यहां माता सती की नाभि गिरी थी, जिसके कारण यह स्थल अत्यंत पवित्र माना जाता है. दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु यहां अपनी मन्नतें लेकर पहुंचते हैं और कहा जाता है कि मां पूर्णागिरी हर भक्त की झोली खुशियों से भर देती हैं.
पीलीभीत: मुख्य केंद्र पूर्णागिरी धाम जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए पीलीभीत मुख्य पड़ाव है. पीलीभीत का रेलवे स्टेशन उत्तर भारत से आने वाले यात्रियों के लिए सुविधाजनक है. यहां पहुंचकर श्रद्धालु टनकपुर की ओर रुख करते हैं और अक्सर थोड़ी थकान मिटाने के लिए वहीं रुकते हैं.
यात्रा का मार्ग और साधन पीलीभीत से टनकपुर जाने के लिए सड़क मार्ग से नौगवां और छतरी चौराहे से बस और टैक्सी उपलब्ध हैं, जिनका किराया औसतन 100-150 रुपए है. रेलवे मार्ग से भी कई ट्रेनें संचालित होती हैं. मेला स्पेशल ट्रेन सुबह 03:35 बजे, पैसेंजर सुबह 07:00 बजे, मेला स्पेशल 09:15 व 10:05 बजे, दोपहर पैसेंजर 12:35 व 01:20 बजे और शाम 05:40 बजे चलती हैं. इसके अलावा एक्सप्रेस ट्रेनें भी अलग-अलग दिनों में उपलब्ध रहती हैं.
आस्था और स्वागत यह यात्रा केवल धार्मिक सफर नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का संगम भी है. पीलीभीत के लोग हर साल श्रद्धालुओं का स्वागत करने और उनकी यात्रा को सुविधाजनक बनाने में पूरी तत्परता दिखाते हैं.

