वाराणसी में धार्मिक और इको टूरिज्म का बूम, रोजगार के नए अवसर खुल रहे
काशी में धार्मिक टूरिज्म का क्रेज बढ़ता जा रहा है, जिससे रोजगार के नए-नए रास्ते भी खुल रहे हैं। धर्म नगरी काशी में लोग अब अपने घरों में तेजी से होम स्टे शुरू कर रहे हैं। होम स्टे के काम से लोग अच्छी खासी कमाई भी कर रहे हैं।
वाराणसी के चौसट्टी घाट के रहने वाले आशुतोष चतुर्वेदी भी इनमें से एक हैं। आशुतोष ने एमबीए किया है और एमबीए के बाद उन्होंने पुणे के एक नामी कंपनी में 7 साल नौकरी भी की, लेकिन इस बीच उनके एक फैसले ने उनकी किस्मत ही बदल दी।
आशुतोष कहते हैं कि काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद उन्होंने बनारस में युवाओं में धार्मिक टूरिज्म का क्रेज देखा। इसके बाद उन्होंने अपने घर के दो कमरों से होम स्टे की शुरुआत कर दी। पर्यटक बढ़े तो उन्होंने इसे बढ़ाया और अब वो अपने घर में 5 कमरों का होम स्टे चला रहे हैं। उन्होंने घर के छत पर रूफटॉप रेस्टोरेंट भी तैयार किया है।
आशुतोष बताते हैं कि होम स्टे के बिजनेस से वो नौकरी से कई ज्यादा कमा रहे हैं। 3 लोगों को इसी होम स्टे की बदौलत नौकरी भी दी है। आशुतोष की मानें तो साल 2021 के बाद काशी के टूरिज्म इंड्रस्टी में जबरदस्त बूम आया है।
आशुतोष का होम स्टे देसी-विदेशी पर्यटकों को पसंद आता है क्योंकि यहां आने वाले मेहमानों को उनके यहां घर जैसा माहौल मिलता है। यहां वो काशी के कल्चर को भी महसूस करते हैं। माउथ टू माउथ पब्लिसिटी के अलावा ऑनलाइन साइट के जरिए उन्हें अच्छी खासी बुकिंग भी मिलती है।
आशुतोष ने बताया कि उनके यहां ठहरने वाले मेहमान उनके रूफटॉप रेस्टोरेंट को काफी पसंद करते हैं। इस रेस्टोरेंट में उन्हें घर जैसा खाना मिलता है। यहां ले बनारसी व्यंजन भी चखते हैं।
आशुतोष की कहानी से यह स्पष्ट होता है कि काशी में धार्मिक और इको टूरिज्म का बूम हो रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं।

