उत्तर प्रदेश सरकार ने बागवानी को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है. इस योजना के तहत किसानों को अमरूद की व्यावसायिक खेती करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. अगर आपके पास खाली जगह है, तो आप भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं।
अमरूद की खेती हमेशा से फायदे का सौदा रही है. इसकी डिमांड पूरे साल रहती है, जिससे किसानों को अच्छी इनकम होती है. उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को अमरूद की बागवानी शुरू करने के लिए सहायता उपलब्ध कराई है. उद्यान विभाग की तरफ से इच्छुक किसानों को इसका लाभ प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
इस योजना के तहत किसानों को लगातार 3 वर्षों तक लाभ प्राप्त हो सकता है. पहले साल किसानों को 48 हजार रुपये की सब्सिडी मिल सकती है, जबकि बाकी दो सालों में 24-24 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हो सकती है. अमरूद की बागवानी के लिए जगह को भी फसल के अनुरूप तैयार करना जरूरी है. इसके लिए सही तरह से गड्ढे की खुदाई की जानी चाहिए और उनमें गोबर की खाद डालकर छोड़नी चाहिए. इससे मिट्टी को अच्छी धूप लगती है और कीड़े लगने का डर कम होता है.
किसान अपनी खाली पड़ी जमीन का अच्छा उपयोग कर सकते हैं और अपनी आय बढ़ा सकते हैं. अप्रैल के महीने में अमरूद के बागवानी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. खेतों को सही तरह से तैयार करते हुए विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले अमरूद के पौधों का इस्तेमाल किया जा सकता है. किसान इसके लिए उर्वरक और खाद्य आदि चीजों की सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं. इससे फसल को अच्छी ग्रोथ मिलती है.
किसानों को पौधों के बीच की दूरी के अनुसार अनुदान उपलब्ध कराया जाता है. 6 मीटर की दूरी पर लगाए जाने वाले पौधे के लिए प्रति हेक्टेयर 30 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त की जा सकती है. कम दूरी वाले पौधे (हाई डेंसिटी वाली बागवानी) के लिए 48 हजार तक का अनुदान दिया जा रहा है.
सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान उद्यान विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके लिए आधार कार्ड, खतौनी, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो समेत अन्य डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ेगी.

