बहराइच में एक किसान ने जैविक खेती की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। रामप्रवेश मौर्य बहराइच जिले के मिहीपुरवा क्षेत्र के नैनिहा के रहने वाले एक किसान हैं जो लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं। खास बात यह है कि वह ज्यादातर जैविक खेती से ही फल फूल या सब्जियों की खेती करते हैं और धीरे-धीरे उन्होंने पौधों की नर्सरी करना भी शुरू कर दिया है।
पौधों की नर्सरी में उनकी एक अलग पहचान बनी और फिर धीरे-धीरे विभाग ने उन्हें ऑफर कर हाईटेक नर्सरी संचालित करने के लिए बुला लिया है। अब वह हार्टिकल्चर विभाग की हाईटेक नर्सरी को संचालित करते हैं। यह नर्सरी बहराइच जिले के नानपारा क्षेत्र में बनी हुई है, जिसे उन्होंने पूर्ण रूप से जैविक विधि द्वारा पौधों की नर्सरी करना शुरू किया है।
उनके द्वारा उगाए गए पौधे किसान ले जाकर सब्जियों की अगाती खेती कर अच्छा मुनाफा उठा रहे हैं। इनके पौधे की डिमांड अब पूरे यूपी में होने लगी है। अलग-अलग क्षेत्र से किसान उनके पास आकर तैयार पौधों को ले जाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। रामप्रवेश मौर्य कहते हैं कि हम सिर्फ बीज ही नहीं बेचते हैं, हम किसान की बीज से बाजार तक मदद करते हैं। हम बीज और पौधे देने के साथ-साथ किसान की हर मुमकिन मदद करते हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार तो पौधों की बिक्री ₹2 की करती है, लेकिन वे कई बार मार्केट से हाइब्रिड बीजों को खुद दो से तीन रुपए में खरीद कर लाते हैं। ऐसे में मिर्ची, टमाटर, बैगन आदि तो वे ₹2 में दे देते हैं, लेकिन कुछ पौधे ऐसे होते हैं जिनका ₹5 से ₹6 में उन्हें देना पड़ता है। लेकिन किसानों का इनमें अच्छा फायदा हो जाता है क्योंकि वे पूरी तरीके से जैविक विधि से समय के विपरीत किसानों को खेती करा कर अच्छा मुनाफा दिलाते हैं।
जो भी किसान रामप्रवेश मौर्य जी से स्वास्थ्य पौधों को खरीदना चाहते हैं, वे उनको बहराइच जिले के नानपारा कृषि विज्ञान केंद्र में स्थित हाईटेक नर्सरी से जाकर खरीद सकते हैं।

