Uttar Pradesh

हरिओम मिश्र ने एक बीघे में लहसुन की खेती से बदल दी किस्मत, आमदनी में आई बढ़ोतरी

गोंडा के युवा हरिओम मिश्र ने बदल दी किस्मत, जानिए कैसे

गोंडा के रूपईडीह के युवा हरिओम मिश्र ने पारंपरिक खेती छोड़कर लहसुन की खेती अपनाई और अपनी आमदनी बढ़ाई. बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के साथ-साथ एक बीघा खेत में नई तकनीक अपनाकर उन्होंने अच्छी पैदावार और मुनाफा कमाया. गोंडा के विकासखंड रूपईडीह के एक युवक ने लहसुन की खेती कर अपनी किस्मत बदल ली है. पहले वह पारंपरिक खेती करते थे, लेकिन उससे उन्हें खास फायदा नहीं हो रहा था. मेहनत ज्यादा और आमदनी कम होने से वह परेशान रहते थे, ऐसे में उन्होंने नई फसल उगाने का फैसला किया. आज लहसुन की खेती से उन्हें अच्छी कमाई हो रही है और उनकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो गई है.

लोकल 18 से बातचीत के दौरान युवक हरिओम मिश्र बीएससी एग्रीकल्चर (बीएससी एजी) की पढ़ाई कर रहे हैं. पढ़ाई के साथ-साथ वह खेती-किसानी भी करते हैं, इस समय लगभग एक बीघा जमीन में लहसुन की खेती कर रहे हैं. पढ़ाई के दौरान मिली जानकारी और नई तकनीक का उपयोग वह अपनी खेती में भी कर रहे हैं.

लहसुन की खेती में कितना खर्च आता है

हरिओम बताते हैं कि उन्होंने एक बीघा खेत में लहसुन की बुवाई की, सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई कराई और मिट्टी को तैयार किया. इसके बाद अच्छी गुणवत्ता वाला बीज लगाया. समय पर सिंचाई की और जरूरत के अनुसार खाद और दवा का छिड़काव किया. फसल की नियमित देखभाल की वजह से उत्पादन अच्छी होने की उम्मीद है. उनका कहना है कि लहसुन की खेती में लागत ज्यादा नहीं आती. अगर सही समय पर बुवाई की जाए और फसल की ठीक से देखभाल की जाए तो कम खर्च में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. लहसुन ऐसी फसल है जिसकी मांग सालभर बाजार में बनी रहती है. यही वजह है कि किसान को इसका उचित मूल्य मिल जाता है.

लहसुन की खेती का आईडिया कहां से मिला

हरिओम मिश्र बताते हैं कि लहसुन की खेती का आईडिया उन्हें अपने एक दोस्त से मिला. उनके दोस्त कई सालों से लहसुन की खेती कर रहे हैं. एक दिन हरिओम उनके खेत पर गए और वहां की फसल देखी. दोस्त की अच्छी आमदनी देखकर उन्हें भी प्रेरणा मिली. उन्होंने सोचा कि अगर सही तरीके से मेहनत की जाए तो वह भी लहसुन की खेती से अच्छा लाभ कमा सकते हैं. इसके बाद उन्होंने लहसुन की खेती की शुरुआत कर दी. इस समय हरिओम लगभग एक बीघा में लहसुन की खेती कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर इस बार भी उत्पादन अच्छा रहा तो अगले सीजन में वह खेती का क्षेत्र बढ़ाएंगे. वह मानते हैं कि किसान अगर पारंपरिक फसलों के साथ नकदी फसलें भी उगाएं, तो उनकी आय बढ़ सकती है. उन्होंने बताया कि फसल अच्छी लगी है उत्पादन अच्छा हुआ तो इनकम अच्छी होने की उम्मीद है.

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