सहारनपुर से आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय पर भोजन करना, नींद पूरी करना और ब्रह्मचर्य का पालन करना शरीर को स्वस्थ रखता है और लंबी उम्र प्रदान करता है. अधिक भोजन या भूख न होने पर खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है
भोजन मनुष्य के शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक है. जीवन जीने के लिए हम प्रत्येक दिन तीन मुख्य समय पर भोजन करते हैं – सुबह नाश्ता, दोपहर लंच और शाम को डिनर. व्यक्ति अपनी स्वाद और पसंद के अनुसार अलग-अलग तरह का भोजन करता है. लेकिन, आयुर्वेद के अनुसार सही समय और सही मात्रा में भोजन करने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है, लंबी उम्र पाता है और बीमारियों से बचा रहता है
आयुर्वेद में आहार, निद्रा और ब्रह्मचर्य का महत्व
आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर तीन मुख्य स्तंभों पर टिका हुआ है – आहार, निद्रा और ब्रह्मचर्य. इसका अर्थ है:
1. भूख लगने पर सही समय पर भोजन करना
2. नींद आने पर सोना
3. ब्रह्मचर्य का पालन करना
अगर व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार या भूख न लगने पर अत्यधिक भोजन करता है, तो यह शरीर में विभिन्न बीमारियों को जन्म देता है
सही समय पर भोजन करने से मिलता है स्वास्थ्य लाभ
आयास आयुर्वेदिक चिकित्सालय के डॉक्टर हर्ष (बी.ए.एम.एस., एम.डी) बताते हैं कि सही समय पर और सही मात्रा में भोजन करने से शरीर को उचित पोषण मिलता है और इम्युनिटी मजबूत रहती है. आयुर्वेद में सुबह 8:00 बजे नाश्ता, दोपहर 1:00 बजे लंच, शाम 8:00 बजे डिनर और रात 10:00 बजे सोने की सलाह दी जाती है. इस टाइमिंग से शरीर स्वस्थ रहता है और लंबी उम्र संभव होती है
गलत भोजन और अधिक खाने से होने वाले नुकसान
अगर कोई व्यक्ति भूख न होने पर भी अधिक भोजन करता है या पहले से खाए हुए भोजन के ऊपर फिर से खा लेता है (अद्यासन), तो शरीर में टॉक्सिन्स बनते हैं और विभिन्न बीमारियां उत्पन्न होती हैं. अधिक भोजन करने से मोटापा बढ़ता है और शरीर की इम्युनिटी कमजोर होती है
शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक और ऊर्जा की आवश्यकता
डॉक्टर हर्ष के अनुसार हमारे शरीर में एक बायोलॉजिकल क्लॉक होती है, जो हमें भूख और ऊर्जा की आवश्यकता बताती है. यदि हम समय पर भोजन नहीं करते, तो शरीर की धातुएं ठीक से पचती नहीं हैं और दुर्बलता आती है. इसलिए, सही समय पर भोजन करना स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए बेहद जरूरी है
आयुर्वेद के अनुसार सही समय पर भोजन करने से शरीर को उचित पोषण मिलता है, इम्युनिटी मजबूत रहती है और लंबी उम्र प्रदान होती है. इसलिए, हमें अपने शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक का ध्यान रखना चाहिए और सही समय पर भोजन करना चाहिए.

