Uttar Pradesh

देवप्रयाग के डिप्टी सीएम मुझे मरवा देंगे, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का मुकदमा दर्ज करवाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने लगाए गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के शामली में आशुतोष महाराज ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से उन्हें जान का खतरा है. आशुतोष महाराज ने रविवार को मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोते हुए अपनी जान को खतरा बताते हुए गंभीर आरोप लगाए.

उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके बटुकों को उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जान का खतरा है. हालांकि, उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम में से किसी का नाम नहीं लिया. आशुतोष महाराज का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से छुप-छुपकर घूम रहे हैं, क्योंकि पुलिस की ओर से उन्हें कोई सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है.

उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को हाईकोर्ट से मिली राहत के बाद उनके समर्थक जश्न मना रहे हैं और उन्हें धमकियां दिलवाई जा रही हैं. आशुतोष महाराज ने कहा कि “हमारे छोटे-छोटे बटुक रात से डरे हुए हैं. इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी हमारी बात नहीं सुनी गई.  हमें रात करीब 10:30 बजे सूचना मिली, ऐसे में हम तुरंत अदालत में अपनी बात रखने नहीं जा सके. इसके बावजूद एक पक्षीय आदेश जारी कर दिया गया.”

गाड़ी पर हमले का आरोप आशुतोष महाराज ने कहा कि उन्होंने पॉक्सो एक्ट की धारा 19 के तहत केवल सूचना देने का अपना कर्तव्य निभाया है, आगे की कार्रवाई पुलिस और न्यायालय को करनी चाहिए. लेकिन इसके बावजूद उनके ऊपर ही दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी गाड़ी पर हमला हुआ, बच्चों को उठाने का प्रयास किया गया और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ फर्जी सूची भी जारी की गई. उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि घटना के बावजूद अभी तक न तो मौके का नक्शा बनाया गया और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है. वहीं दूसरी ओर शंकराचार्य पक्ष की ओर से दर्ज कराए गए एक मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को जेल भेज दिया. इससे उन्हें लग रहा है कि पुलिस भी उनकी बात नहीं सुन रही है.

संघर्ष से पीछे हटने का निर्णय आशुतोष महाराज ने बताया कि जब वे उच्च न्यायालय जाने का प्रयास करते हैं तो वहां विरोधी पक्ष के वकीलों और समर्थकों की भीड़ उन्हें डराने की कोशिश करती है. इसी कारण उन्होंने अब संघर्ष से पीछे हटने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि वे माता रानी शाकुंभरी देवी मंदिर के सामने हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं. उन्होंने भावुक होकर कहा, “हम इतने बड़े लोगों से नहीं लड़ सकते. उनके पास पैसा, वकील और नेता सब हैं. हमें बस इतना चाहिए कि हमें और हमारे बच्चों को नुकसान न पहुंचाया जाए.” आशुतोष महाराज ने प्रशासन से सुरक्षा देने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

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