अयोध्या: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के जीवन पर ग्रह नक्षत्र और कुंडली का विशेष महत्व होता है. प्रतिदिन ग्रह नक्षत्र की स्थिति में बदलाव भी होता है, जिसका प्रभाव मानव के जन्म से लेकर मृत्यु तक के दौरान देखने को मिलती है. ऐसी स्थिति में ज्योतिषीय गणना के अनुसार प्रतिदिन राशिफल ग्रह नक्षत्र में बदलाव होता है. आइए जानते हैं कि आज 2 मार्च 2026 के दिन ग्रह नक्षत्र की स्थिति कैसी रहेगी और जन्म लेने वाले बच्चों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा।
आज का दिन सोमवार है, जिसमें शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रात्रि 11:39 बजे तक रहेगी. पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मकता और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है. प्रातः 7:51 बजे तक अश्लेषा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ होगा. इस योग में होली एवं दोपहर 12:19 बजे तक अतिगण्ड योग रहेगा. करण विष्टि प्रातः 7:51 बजे तक तथा उसके बाद बव रहेगा. चंद्रमा कर्क राशि में सुबह 7:51 बजे तक रहेगा और फिर सिंह राशि में प्रवेश करेगा. सूर्य कुंभ राशि में स्थित रहेगा।
अश्लेषा नक्षत्र सुबह 7:51 बजे तक
इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चे बुद्धिमान, चतुर, विश्लेषणात्मक सोच वाले और गूढ़ विषयों में रुचि रखने वाले होते हैं. ये भावनात्मक रूप से गहरे होते हैं और आध्यात्मिक झुकाव रखते हैं. अश्लेषा का स्वामी बुध है, जो वाणी, बुद्धि और संचार कौशल का प्रतीक है. ऐसे बच्चे जीवन में रणनीतिक सोच के कारण आगे बढ़ते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करते हैं।
स्वभाव, नेतृत्व क्षमता और आध्यात्मिक प्रभाव की विशेषताएं
मघा नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चे साहसी, आत्मविश्वासी, नेतृत्व क्षमता वाले और सम्मानप्रिय होते हैं. ये अपने परिवार और परंपराओं का आदर करते हैं. इस नक्षत्र का स्वामी केतु है, जो आध्यात्मिकता और पूर्वजों से जुड़े कर्मों का द्योतक है. ऐसे बच्चे समाज में प्रतिष्ठा अर्जित करने की क्षमता रखते हैं और अपने परिवार का नाम रोशन करते हैं।
नामकरण के शुभ अक्षर:
अश्लेषा नक्षत्र: डी, डू, डे, डोमघा नक्षत्र: मा, मी, मू, मे
आज के दिन जन्म लेने वाले बच्चों के लिए यह जानकारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिससे उनके माता-पिता उनके भविष्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें और उनके विकास के लिए आवश्यक कदम उठा सकें।
