गाजियाबाद के इंदिरापुरम में नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है. शक्ति खंड-2 में प्लॉट नंबर-1 के पास सड़क पर 6 फुट गहरा गड्ढा खुला पड़ा है, जिसमें पानी भरा होने से राहगीरों और स्कूली बच्चों के लिए जानलेवा स्थिति बन गई है. स्थानीय निवासियों ने लिखित शिकायत कर बैरिकेडिंग और गड्ढे को भरने की मांग की है. जलभराव के कारण मच्छरों और बीमारियों का डर भी सता रहा है. निगम ने आश्वासन तो दिया है, लेकिन समाधान का इंतजार है.
गाजियाबाद के पॉश इलाके इंदिरापुरम में इन दिनों नगर निगम की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ती दिख रही है. शक्ति खंड-2 में एक खुला और लगभग 6 फुट गहरा गड्ढा स्थानीय निवासियों के लिए खौफ का पर्याय बन गया है. गड्ढे में लबालब पानी भरा होने के कारण इसकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है, जो किसी भी समय एक बड़े हादसे को दावत दे सकता है. यह गड्ढा न केवल राहगीरों बल्कि पास स्थित एक निजी स्कूल के छात्रों के लिए भी बड़ा खतरा है. स्थानीय निवासी प्रयाम सक्सेना ने इस मुद्दे पर नगर निगम को लिखित शिकायत दी है. उन्होंने बताया कि स्कूल के निकट होने के कारण यहां से रोजाना सैकड़ों छात्र, उनके अभिभावक और छोटे बच्चे गुजरते हैं. गड्ढे के चारों ओर न तो कोई बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है, जिससे अनजाने में कोई भी बच्चा या राहगीर इसमें गिर सकता है.
जलभराव से बीमारियों का डर स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है. गड्ढे में कई दिनों से जमा पानी अब सड़ने लगा है, जो मच्छरों के पनपने का मुख्य केंद्र बन गया है. निवासियों का कहना है कि जलभराव की वजह से इलाके में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है. स्थानीय लोगों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते इसे नहीं भरा गया, तो स्थिति और भी भयानक हो सकती है.
नगर निगम की टीम ने मौके का निरीक्षण तो किया है और समाधान का आश्वासन भी दिया है. लेकिन धरातल पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी है. निवासियों की मांग है कि गड्ढे के चारों ओर तुरंत मजबूत बैरिकेडिंग लगाई जाए. पानी को मशीन द्वारा निकालकर गड्ढे को तुरंत मिट्टी से भरा जाए. भविष्य में ऐसी लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई हो. निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.

