होली के त्योहार पर गुजिया बनाने के लिए खोया या पनीर खरीदने जा रहे हैं तो सावधान हो जाइए। मिलावटखोरों के इस दौर में असली और नकली की पहचान करना अब आपकी पहुंच से दूर नहीं है। कन्नौज के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कुछ ऐसे आसान घरेलू तरीके बताए हैं जिनसे आप चंद मिनटों में पता लगा सकते हैं कि जो खोया आप घर लाए हैं वह शुद्ध है या उसमें खतरनाक स्टार्च मिलाया गया है।
कन्नौज में बढ़ती मिलावटखोरी के बीच यदि आप भी खोया या पनीर खरीदने जा रहे हैं और मन में शंका है कि कहीं यह नकली या मिलावटी तो नहीं, तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। कन्नौज के खाद्य सुरक्षा अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि बहुत ही साधारण तरीके से आम लोग घर बैठे खोया और पनीर की शुद्धता की जांच कर सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार खोया में अक्सर स्टार्च या अन्य सस्ते पदार्थों की मिलावट कर दी जाती है। इसकी पहचान के लिए टिंचर आयोडीन का प्रयोग किया जा सकता है। इसके लिए थोड़ा सा खोया लेकर उसमें टिंचर आयोडीन की कुछ बूंदें मिलाएं, यदि उसका रंग भूरा नीला या काला पड़ने लगे तो समझ लीजिए कि उसमें स्टार्च की मिलावट है। शुद्ध खोया में ऐसा कोई रंग परिवर्तन नहीं होगा। असली खोया हल्का दानेदार और प्राकृतिक खुशबू वाला होता है, जबकि नकली खोया ज्यादा चिकना या इत्यादि सफेद दिखाई दे सकता है।
उंगलियों की मदद से भी असली और नकली की पहचान की जा सकती है। उंगलियों से मसलने पर असली खोया हल्का तेल छोड़ता है और हाथ में चिपकता नहीं है, स्वाद भी हल्का मीठा और दूध जैसा फ्लेवर देता है। जबकि मिलावटी खोये में स्टार्च जैसा स्वाद आता है। यह एक सरल और प्रभावी तरीका है, जिससे आम उपभोक्ता भी आसानी से मिलावट पकड़ सकते हैं।
पनीर की शुद्धता कैसे देखें? इसी प्रकार पनीर की शुद्धता जांचने के लिए भी टिंचर आयोडीन का उपयोग किया जा सकता है। पनीर में कम से कम 50 प्रतिशत फैट होना चाहिए, यदि पनीर में स्टार्च या अन्य मिलावटी पदार्थ मिलाए गए होंगे तो आयोडीन डालने पर रंग में बदलाव दिखाई देगा। शुद्ध पनीर में सामान्यत कोई खास प्रतिक्रिया नहीं होती। अधिकारी ने बताया कि मिलावट करने वाले लोग मुनाफा कमाने के लिए गुणवत्ता से समझौता कर देते हैं, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी उमेश कुमार ने लोगों से अपील की है कि त्योहारों और शादियों के मौसम में विशेष सतर्कता बरतें। खोया और पनीर जैसी दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ने पर मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। खरीदारी करते समय विश्वसनीय दुकानों से ही सामान लें और शक होने पर सरल जांच जरूर करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति मिलावट करता हुआ पाया जाता है तो उसकी सूचना तत्काल खाद्य विभाग को दें। विभाग द्वारा जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग की टीम समय-समय पर बाजारों में छापेमारी कर नमूने भी ले रही है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।

