उत्तर प्रदेश में अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम पर यौन शोषण और लक्ज़री सुविधाओं के आरोपों को लेकर चर्चा जारी है. इस बीच एक महिला ने अपने अनुभव साझा किए हैं जिन्होंने लगभग डेढ़ महीने तक आश्रम में रुकी थीं.
लेखिका भूमिका त्रिवेदी ने बताया कि वह मार्च 2022 में आश्रम में रुकी थीं. उन्होंने कहा कि आश्रम में पारंपरिक साधु जैसा माहौल नहीं था. वहां स्विमिंग पूल, लिफ्ट, आलीशान गेस्ट हाउस और आधुनिक सुविधाएं थीं. उन्होंने यह भी बताया कि शंकराचार्य से उनका कोई सामना नहीं हुआ. आश्रम में उनके कर्मचारियों और सहयोगियों के साथ ही संपर्क था. बच्चों से बातचीत करना भी सीमित था और उन्हें निर्देशित किया गया था कि बाहर वालों से बात न करें.
भूमिका ने कहा, आश्रम में वह भव्य होटल जैसा लगता है, साधु वाला साधारण माहौल नहीं है. उनका कहना था कि दिनचर्या भी साधारण आश्रम जैसी नहीं थी. उन्होंने साफ किया कि यौन शोषण के संदर्भ में उन्होंने कुछ नहीं देखा, क्योंकि शंकराचार्य स्वयं वहां मौजूद नहीं थे. उन्होंने यह भी कहा कि आश्रम में उनके साथ रहने वाले लोगों ने उन्हें यह बताया था कि शंकराचार्य के साथ कोई भी संपर्क नहीं होता है.
यह पूरा मामला अभी भी चर्चा में है और इसके बारे में जानकारी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आश्रम में क्या हुआ और क्या नहीं.

