अमेठी में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाएं, 227 हादसे और 124 मौतें
अमेठी में पिछले 6 महीनों के दौरान 227 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 124 लोगों की मौत हुई है और 152 लोग घायल हुए हैं। इन हादसों के बावजूद, संबंधित जिम्मेदार ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। यह आंकड़े डराने वाले हैं और यह स्पष्ट करते हैं कि अवैध पार्किंग और सड़क पर खड़े वाहनों की वजह से सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और दर्जनों परिवारों ने अपने चिरागों को खो दिया है।
सड़क पर खड़े वाहन हादसों को दावत दे रहे हैं
चाहे रात हो या दिन, सड़क पर खड़े ये वाहन हादसों को दावत दे रहे हैं। ये वाहन यातायात में बाधा डालने के साथ-साथ मौत का कारण भी बन रहे हैं। सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों और चार पहिया गाड़ियों से टकराकर मासूम लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। यह समस्या स्थानीय लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। लेकिन वाहन स्वामियों की मनमानी नहीं थम रही है।
संभागीय परिवहन अधिकारी ने सख्त चेतावनी जारी की
इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेते हुए, संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) महेंद्र बाबू ने सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगा। महेंद्र बाबू ने कहा कि विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और सड़क पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के चालान काट रही हैं। जो वाहन स्वामी बार-बार नियम तोड़ रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। यदि कोई वाहन तीन बार से ज्यादा सड़क पर अवैध रूप से खड़ा पाया गया तो उस गाड़ी का पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा।
नियमों का पालन करें, अपनी जान बचाएं
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, क्योंकि आपकी एक लापरवाही किसी की जान ले सकती है। प्रशासन ने तय कर लिया है कि महज जुर्माना काफी नहीं है। चार पहिया वाहन हो या अन्य कमर्शियल गाड़ियां, अब सड़क को पार्किंग बनाने वालों को भारी कीमत चुकानी होगी।

