Uttar Pradesh

लखनऊ पिता हत्या मामला: जीवंत रामलीला में ‘रावण’ बनता था पिता के शव के टुकड़े करने वाला बेटा, पड़ोसियों का दावा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बेटे ने अपने पिता की हत्या कर दी. यह कोई आम मर्डर नहीं है, बल्कि रूह कंपा देने वाला केस है. बेटे ने अपने पिता की हत्या कर शव के कई टुकड़े कर दिए थे. इतना ही नहीं, पिता के सिर को काटकर घर से 21 किलोमीटर दूर फेंक दिया, तो वहीं हाथ-पैर को घर से चार किलोमीटर दूर. अब आरोपी ने खुद अपना जुर्म कबूल कर लिया है. आइए जानते हैं सबकुछ…

लखनऊ के आशियाना इलाके में दवा और शराब कारोबारी मानवेन्द्र सिंह की हत्या के मामले में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं. 21 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर अपने पिता की हत्या कर दी, उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए और उन्हें एक नीले ड्रम में भर दिया. इस घटना को उसकी बहन ने अपनी आंखों से देखा. यह घटना शुक्रवार, 20 फरवरी को हुई थी लेकिन इसका भेद तीन दिन बाद खुला. इस हत्याकांड के बाद देशभर के लोगों के मन में एक ही सवाल है कि कैसे एक बेटे ने ही अपने पिता की हत्या कर शव के कई टुकड़े कर दिए.

मृतक मानवेंद्र का पोस्टमार्टम हो गया है. उनका आज ही अंतिम संस्कार किया जाएगा. कुछ देर में मानवेंद्र की डेड बॉडी घर लाई जाएगी. आरोपी बेटे ने पिता के हाथ और पैर काटकर सदरौना इलाके में फेंक दिए थे. पुलिस ने हाथ और पैर को रिकवर कर लिया है. सिर को तकरीबन 21 किलोमीटर दूरी पर ले जाकर फेंका गया. सिर रिकवर नहीं हो पाया है.

बेटे ने पिता के सिर को काटकर घर से 21 किलोमीटर दूर फेंका, तो वहीं हाथ-पैर को घर से चार किलोमीटर दूर. पुलिस की पूछताछ में खुद आरोपी बेटा अक्षत ने अपना जुर्म कबुला है. उसने पुलिस को यह भी बताया है कि आखिर पिता की हत्या क्यों की और उनके शव को कैसे काटा और कब बॉडी पार्ट्स को ठिकाने लगाया. साथ ही कातिल बेटे ने बयान दिया कि अगर मौका मिल जाता तो मैं पिता के बचे हुए धड़ का अंतिम संस्कार अकेले में कर देता.

पड़ोसियों और पुलिस की मानें तो आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह रीयल लाइफ में किसी फिल्मी ‘विलेन’ की तरह व्यवहार करता था. 21 वर्षीय अक्षत को क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज देखने का जबरदस्त शौक था. यही नहीं, स्थानीय रामलीला के दौरान वह रावण का किरदार निभाता था. पड़ोसियों ने बताया कि उसे नायक से ज्यादा खलनायक (विलेन) के किरदार दिलचस्प लगते थे.

अगर आरोपी अक्षत के बारे में बात करें तो उसकी उम्र 21 साल है और वह बीकॉम का छात्र है. उसके पिता चाहते थे कि बेटा अक्षत नीट क्लियर कर डॉक्टर बन जाए और पैथोलॉजी बिजनेस को संभाल ले. लेकिन, बेटे ने पिता को मौत के घाट उतारने के बाद अपने आप को बचाने के लिए पुलिस के पास गया और कहा कि 20 फरवरी को पिता दिल्ली जाने के लिए घर से निकले थे और 21 फरवरी को घर वापस आने को कहा था लेकिन नहीं आए. तीन दिन बाद आरोपी बेटा अक्षत पुलिस के पास गया था. तब तक अक्षत सिर और हाथ पैर को ठिकाने लगा चुका था. लेकिन धर को घर के नीले ड्रम में रखा हुआ था. यहीं से बदबू आनी शुरू हो गई थी और आरोपी बेटा अक्षत रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल बदबू मिटाने के लिए कर रहा था. बदबू की जानकारी पुलिस को जैसे मिली, वारदात की गुथी सुलझ गई.

अब यह सवाल उठता है कि कैसे एक बेटे ने ही अपने पिता की हत्या कर शव के कई टुकड़े कर दिए. यह एक ऐसी घटना है जो देशभर के लोगों के मन में एक ही सवाल पैदा करती है कि कैसे एक बेटे ने ही अपने पिता की हत्या कर शव के कई टुकड़े कर दिए.

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