Uttar Pradesh

Lucknow University: लाल बारादरी मस्जिद को लेकर ABVP का धरना खत्म, तोड़फोड़ करने वालों पर एक्शन की मांग

लखनऊः लखनऊ यूनिवर्सिटी के कैंपस में स्थित बारादरी मस्जिद पर ताला लगाने को लेकर बवाल बढ़ता जा रहा है. इस बीच सोशल मीडिया पर छात्रों द्वार मस्जिद का ताला तोड़ने का वीडियो भी वायरल हो रहा है. यूनिवर्सिटी के सभी छात्र गुट लामबंद हो गए हैं. मस्जिद के दरवाजे पर ताला लगाने का जमकर विरोध कर रहे हैं. पढ़िए लाल बारादरी मस्जिद से जुड़े सारे अपडेट्स…

क्या बोले महंत विष्णु दासमहंत विष्णु दास ने कहा कि लखनऊ यूनिवर्सिटी कुछ कट्टरपंथी जिहादी विचारधारा के छात्र थे जो माहौल को खराब किया और दंगा कराना चाहते थे ऐसे लोगों पर एक्शन होना चाहिए.

क्या बोले पूरे विवाद पर प्रॉक्टरएसीपी अंकित कुमार ने कहा कि तहरीर हमें मिल गया है, जिसमें मुक़दमा दर्ज करने के लिए कहा गया है. रजिस्ट्रार मैडम जैसा आदेश देगी वैसा ही हम करेंगे. यूनिवर्सिटी में ऐसा कोई अभिलेख नहीं है, जिसमे कहा जाए की लाल बारादरी में नमाज़ अदा होती है. वहीं राकेश डिवेडी, प्रॉक्टर ने कहा कि तहरीर दी गई छात्रों के द्वारा हम बात कर रहे हैं.

क्या कहना है लखनऊ यूनिवर्सिटी का…इस पूरे मामले पर लखनऊ विश्वविद्यालय ने कहा है कि यह बारादरी लखनऊ विश्वविद्यालय के अंतर्गत आता है. विश्वविद्यालय ने कभी भी परिसर में नमाज पढ़ने को लेकर परमिशन नहीं दी है. क्योंकि इमारत जर्जर है और इस पर काम चल रहा है. इसलिए अंदर जाना सेफ नहीं है. विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक, बारादरी के अंदर अन्य प्रकार की गतिविधियां भी चलती थीं, जिसकी वजह से यह निर्णय लिया गया.

मस्जिद में तोड़फोड़ करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांगकुल सचिव से बातचीत करने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने अपना धरना खत्म किया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने प्रॉक्टर को अपना ज्ञापन दिया और कहा है कि लाल बारादरी पर तोड़ फोड़ करने वाले छात्रों पर 24 घंटे के अंदर कार्रवाई की जाए.

लखनऊ यूनिवर्सिटी स्थित लाल बारादरी मस्जिद के मामले को लेकर कुलसचिव कार्यालय का पत्र वायरल हो रहा है. कुलसचिव कार्यालय ने निर्माण विभाग को 2 फरवरी को लेटर लिखकर यहां के रेनोवेशन के बारे में बताया था. पत्र में यह भी अनुरोध किया गया था कि 22 फरवरी को 10:00 बजे से पुलिस की व्यवस्था की जाए. ताकि विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में स्थित चल रहे लाल बारादरी के समीप कार्य में कोई अप्रिय घटना न घट सके. कुलसचिव डॉ भावना मिश्रा के हस्ताक्षर से पत्र जारी किया गया था.

लाल बारादरी मस्जिद का नया वीडियो वायरल

लखनऊ यूनिवर्सिटी मे लाल बारादरी में मस्जिद में ताला तोड़ने का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो कल का बताया गया है जिसमें प्रशासन का ताला तोड़ा जा रहा है. छात्रों का विरोध प्रदर्शन भी हुआ है.

छात्रों के 2 पक्ष बैठे घरने परलखनऊ विश्वविद्यालय कैंपस में आज हालात तब तनावपूर्ण हो गया जब एक तरफ लाल बारादरी में स्थित मस्जिद को खुलवाने की मांग लेकर छात्रों ने धरना प्रदर्शन किया और उसी समय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र भी मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्ष धरने पर बैठ गया. एक पक्ष मस्जिद खुलवाने की मांग करने लगा जबकि दूसरा पक्ष हनुमान चालीसा पढ़ने लगा. लाल बारादरी की मस्जिद को बंद रखे जाने की मांग को लेकर दोनों पक्ष धरने पर बैठ रहे. एक समय मामला इतना ज्यादा उग्र हो गया कि दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ मारपीट तक करने को उतारू हो गए. तब विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस की मदद से दोनों पक्षों को अलग किया और एक पक्ष को लेकर VC ऑफिस में बातचीत के लिए चले गए. कुल मिलाकर प्रशासन ने मौके पर स्थित को संभाल लिया लेकिन जिस तरह से उग्र माहौल बना था उससे साफ तौर से आज लखनऊ विश्वविद्यालय कैंपस में बड़ा बवाल हो जाता.

ABVP के छात्र पहुंचेABVP के छात्र भी लाल बारादरी पर मौजूद है. इस दौरान छात्र पक्ष और विपक्ष में खड़े हुए है. लाल बारादरी मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन अभी तक अपना पक्ष नहीं रख पाया है.

क्या बोले सांस इमरान?वहीं इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का भी बयान सामने आया है. गौरतलब होगा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में स्थित सैकड़ों साल पुरानी लाल बारादरी में बच्चे नमाज पढ़ते हैं. ये विश्वविद्यालय की दशकों पुरानी परम्परा में शामिल है. कल रात से वहां छात्र आंदोलनरत हैं क्योंकि छात्रों को बिना बताए मस्जिद के दरवाजे को वेल्डिंग करके सील कर दिया गया. विश्वविद्यालय प्रशासन में इतनी भी संवेदनशीलता नहीं कि रमजान के महीने में ऐसा कृत्य करके वो क्या संदेशा देना चाह रहे हैं.

उन्होंने कहा कि रात आंदोलनरत छात्रों से वीडियो कॉल पर बात की और उनकी मांग को पूरा समर्थन दिया.  लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत लाल बारादरी की उस जगह को बच्चों के लिए खोले और विश्वविद्यालय कैंपस को नफरत की प्रयोगशाला ना बनाए. उन्होंने रविवार देर रात धरने बैठे छात्रों के नारेबाजी करते हुए वीडियो भी पोस्ट किया है.

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के लाल बारादरी के उस दरवाजे को सील कर दिया, जिसका इस्तेमाल छात्र लंबे समय से नमाज पढ़ने के लिए करते थे. रमजान के पवित्र महीने में यह कदम उठाए जाने से छात्रों में रोष व्याप्त हो गया. विरोध के दौरान छात्रों ने बैरिकेडिंग को गिराया और नारेबाजी करते हुए लाल बारादरी के पास पहुंचे, जहां उन्होंने खुले में नमाज पढ़ी.

हिंदू छात्रों ने बनाया सुरक्षा घेरा
नमाज के दौरान एक दिलचस्प पहलू भी सामने आया. हिंदू छात्रों ने मुस्लिम छात्रों की सुरक्षा के लिए मानव शृंखला बनाकर उन्हें घेर लिया. नमाज समाप्त होने के बाद ही यह शृंखला हटी. शाम को उसी स्थान पर छात्रों ने सामूहिक इफ्तार भी किया. पूरे घटनाक्रम के दौरान भारी पुलिस बल कैंपस में तैनात रहा, ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने. छात्रों की मुख्य मांग है कि लाल बारादरी मस्जिद के बंद दरवाजे को तुरंत खोला जाए और नमाज के लिए पहुंच सुनिश्चित की जाए.

यूनिवर्सिटी की तरफ से नहीं आया बयान
हालांकि, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन छात्र संगठन आगे आंदोलन तेज करने की चेतावनी दे रहे हैं. मौके पर जब न्यूज़18 की टीम पहुंची तो मस्जिद के बहार एक नोटिस चस्पा था, जिस पर लिखा था कि भवन जर्जर और असुरक्षित है, लिहाजा इसमें कोई प्रवेश ना करे. जिसके बाद कहा जा रहा है कि एएसआई संरक्षित इस बिल्डिंग के जीर्णोद्धार करने के लिए रास्ता बंद किया गया होगा, लेकिन इस बाबत छात्रों को सूचित ना किए जाने की वजह से हंगामा हुआ.

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