Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2026 : प्रयागराज में नकल कराते पकड़े गए टीचर, एफआईआर दर्ज, 9000 से अधिक छात्रों ने छोड़ा परीक्षा – उत्तर प्रदेश समाचार

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की परीक्षाओं के दौरान सोमवार को प्रयागराज जिले में नकल का एक मामला सामने आया. दूसरी पाली की परीक्षा में मऊआइमा स्थित कड़ेदीन सिंह स्मारक इंटर कॉलेज मदारी में उड़ाका दल ने छापेमारी कर कक्ष निरीक्षक को नकल कराते हुए पकड़ लिया. आरोप है कि कक्ष निरीक्षक वेद व्यास मिश्र परीक्षार्थियों को प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध करा रहे थे. उनके पास से उत्तर लिखे हुए कुछ पन्ने भी बरामद किए गए. पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है.

मामले में केंद्र व्यवस्थापक बृजराज के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है. बाह्य केंद्र व्यवस्थापक सुचित शर्मा की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई. जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) पी.एन. सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अन्य परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हुई और कहीं से किसी बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली.

5648 छात्रों ने छोड़ी हाईस्कूल की अंग्रेजी परीक्षा पहली पाली में हाईस्कूल की अंग्रेजी विषय की परीक्षा आयोजित की गई. इसमें कुल 87,236 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 81,588 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 5,648 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी. इसी पाली में इंटरमीडिएट के फल एवं खाद्य संरक्षण, पाक शास्त्र, परिधान रचना एवं सज्जा, धुलाई एवं रंगाई, बेकिंग एवं कन्फेक्शनरी, टेक्सटाइल डिजाइन, बुनाई तकनीक, नर्सरी शिक्षण प्रशिक्षण तथा शिशु प्रबंधन जैसे व्यावसायिक विषयों की परीक्षा भी कराई गई. इन विषयों के लिए 546 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 528 ने परीक्षा दी और 18 अनुपस्थित रहे.

4,590 छात्रों ने छोड़ी 12वीं की परीक्षा दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के जीव विज्ञान और गणित विषय की परीक्षा आयोजित हुई. इसके लिए 73,669 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, लेकिन 69,079 ही परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 4,590 विद्यार्थियों ने पेपर छोड़ दिया. परीक्षा के दौरान जिले में कुल सात सचल दल सक्रिय रहे, जो विभिन्न केंद्रों पर निगरानी करते रहे. पहली पाली में सभी 333 केंद्रों पर परीक्षा संपन्न हुई, जबकि दूसरी पाली में 330 केंद्रों पर परीक्षा कराई गई. प्रशासन का कहना है कि नकल रोकने के लिए कड़ी निगरानी और लगातार छापेमारी की जा रही है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

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