उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पैथोलॉजी के मालिक की निर्ममता से हत्या कर दी गई। लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र सेक्टर-एल में घर के अंदर रखे ड्रम में शव मिला है। मकान से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के दोनों हिस्सों को बरामद कर लिया है।
पुलिस ने मृतक युवक के पुत्र को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ कर रही है। मृतक की पहचान सेक्टर एल निवासी पैथोलॉजी मलिक मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। मृतक मानवेंद्र सिंह के कई जिलों में पैथोलॉजी सेंटर हैं और शराब की कई दुकानें भी हैं।
बेटे ने कैसे की पिता की हत्या?
पैथोलॉजी संचालक की हत्या को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक बेटे ने पहले गोली मार के हत्या की है। उसके बाद शव के टुकड़े-टुकड़े किए। वारदात को अंजाम देने के बाद बेटे ने लोगों को गुमराह किया कि उसके पिता ने खुदकुशी कर ली है। शव का कुछ हिस्सा मृतक की ब्रेजा गाड़ी से ही बेटे ने कहीं फेंक दिया था। शव का धड़ घर से बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि मानवेंद्र सिंह बेटे पर ‘नीट’ की तैयारी का दबाव बनाते थे।
बेटे ने गुमशुदगी का दर्ज कराया था मामला
मानवेंद्र सिंह अपने बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा व पुत्री के साथ रहते थे। मानवेंद्र की पत्नी का लगभग 9 वर्ष पूर्व देहांत हो चुका है। मानवेंद्र के बेटे राजा ने आशियाना थाने में 23 फरवरी को मानवेंद्र की गुम होने की सूचना दी थी। जिस पर आशियाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। सोमवार को शाम मानवेन्द्र के पड़ोसियों ने बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब मकान की तलाशी ली तो मानवेंद्र का आधा शव एक मंजिल पर तथा आधा हिस्सा दूसरी मंजिल पर बरामद हुआ।
पुलिस ने कारोबारी के बेटे को हिरासत में लिया
मानवेंद्र सिंह वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक थे। पुलिस ने मानवेंद्र सिंह के बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा को हिरासत में ले लिया है। बेटा अक्षत बीकॉम फर्स्ट ईयर का छात्र है। घर में मानवेंद्र का बेटा राजा तथा मानवेंद्र की पुत्री जो की कक्षा 12 के छात्र है साथ में रहते थे। पुलिस बेटे राजा से पूछताछ कर रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने फोरेंसिक टीम को सूचना दी।
पुलिस ने जारी किया बयान
पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि जांच के क्रम में गुमशुदा के पुत्र अक्षत प्रताप सिंह उम्र लगभग 21 वर्ष से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान अभियुक्त द्वारा स्वीकार किया गया कि दिनांक 20.02.2026 को प्रातः लगभग 04:30 बजे किसी बात को लेकर पिता-पुत्र के मध्य विवाद हुआ, जिसके उपरांत उसने आवेश में आकर अपने पिता को गोली मार दी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। अभियुक्त द्वारा घटना के उपरांत साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से मृतक के शव को तृतीय तल से नीचे लाकर भूतल पर स्थित एक खाली कमरे में रखा गया तथा शव के अंगों को काटकर उन्हें कथित तौर पर सदरौना के पास फेंक दिया गया है। शेष शव को एक ड्रम में छिपाकर रखा गया था।
हत्यारोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
घटना की जानकारी प्राप्त होते ही उच्चाधिकारीगणों द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण किया गया, फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा में लेकर आवश्यक पूछताछ एवं विधिक कार्यवाही की जा रही है। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। मौके पर मृतक के परिजन उपस्थित हैं।

