गाजियाबाद में रैपिड रेल का असर: प्रॉपर्टी बाजार में उछाल का दौर
गाजियाबाद: मेरठ से दिल्ली के बीच शुरू हुई एनसीआरटीसी की महत्वाकांक्षी परियोजना दिल्ली मेरठ रैपिड रेल परियोजना का असर अब गाजियाबाद के प्रॉपर्टी बाजार में साफ दिखाई देने लगा है. तेज रफ्तार और सुविधाजनक सफर ने जहां लाखों यात्रियों को राहत दी है, वहीं रैपिड रेल स्टेशनों के आसपास रियल एस्टेट में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है.
राजनगर एक्सटेंशन में प्रॉपर्टी एक्सपर्ट सात्विक सिंघल ने बताया कि रैपिड रेल शुरू होने से गाजियाबाद में प्रॉपर्टी के दामों में अच्छा उछाल आया है. प्रतिशत के हिसाब से देखें तो 10 से 20 प्रतिशत तक कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है और आने वाले समय में यह बढ़त और तेज हो सकती है. पहले यहां शॉर्ट टाइम निवेशक ज्यादा सक्रिय थे, लेकिन अब लोग अपने सपनों का घर लेने और लंबी अवधि के लिए बड़ा निवेश करने लगे हैं.
रैपिड रेल स्टेशनों के आसपास निवेश
उनका कहना है कि रेजिडेंशियल, कामर्शियल और प्लॉटिंग विकास एक साइकिल की तरह काम करते हैं. जहां इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होता है, वहां आसपास रिहायशी और व्यावसायिक विकास अपने आप बढ़ता है. साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधार, मोदीनगर और मुरादनगर रैपिड रेल स्टेशनों के आसपास निवेश तेजी से बढ़ा है.
गाजियाबाद भविष्य का बड़ा प्रॉपर्टी हब
गुलधार स्टेशन के पास स्थित राज नगर एक्सटेंशन को सबसे बेहतर विकल्प माना जा रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी, एलिवेटेड रोड, एक्सप्रेसवे और मेट्रो जैसी सुविधाओं ने भरोसा बढ़ाया है. यूपी रेरा की पारदर्शिता और आने वाली हरनंदीपुरम जैसी योजनाओं के चलते गाजियाबाद को भविष्य का बड़ा प्रॉपर्टी हब माना जा रहा है.
प्रॉपर्टी एक्सपर्ट रितु सिंह चौधरी ने बताया कि रैपिड रेल शुरू होने से गाजियाबाद के कई इलाकों में प्रॉपर्टी बूम आया है. 10 से 20 प्रतिशत तक दामों में उछाल दर्ज किया गया है और आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं. रैपिड रेल के आसपास सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जगह गुलधार रैपिड रेल स्टेशन के पास स्थित राज नगर एक्सटेंशन है.
रैपिड रेल से सफर और आसान
राज नगर एक्सटेंशन दिल्ली के बेहद नजदीक है. एलिवेटेड रोड से पहले ही बेहतर कनेक्टिविटी थी, अब रैपिड रेल से सफर और आसान हो गया है. यहां प्लॉटिंग, ग्रुप हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट एक साथ विकसित हो रहे हैं. इसलिए निवेशकों को कई विकल्प मिल रहे हैं. लोग दिल्ली में नौकरी करना पसंद कर रहे हैं, लेकिन गाजियाबाद में रहना ज्यादा सुविधाजनक और किफायती मान रहे हैं.
गेटेड सोसायटी और योजनाबद्ध प्रोजेक्ट्स में निवेश की मांग तेजी से बढ़ रही है. आने वाले समय में मधुबन बापूधाम और हरनंदीपुरम जैसी योजनाएं भी रफ्तार पकड़ेंगी. नोएडा और गुरुग्राम महंगे होने के कारण अब आम खरीदार गाजियाबाद को बेहतर विकल्प मान रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह निवेश के लिए सही समय है.

