Uttar Pradesh

संगीत सिर्फ शौक नहीं, बन सकता है सरकारी नौकरी का रास्ता, प्रोफेसर ने बताए रोजगार के सारे रास्ते

गाजीपुर: संगीत को अक्सर एक शौक या मनोरंजन का साधन माना जाता है, लेकिन वर्तमान समय में यह एक अत्यंत समृद्ध और सम्मानजनक करियर विकल्प के रूप में उभरा है. गाजीपुर पीजी कॉलेज की संगीत प्रोफेसर मीना सिंह ने एक विशेष चर्चा के दौरान संगीत जगत के उन अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला, जो भविष्य संवारने में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं.

गुरु-शिष्य परंपरा का बदलता स्वरूप

प्रोफेसर मीना सिंह ने चर्चा की शुरुआत संगीत की आधारशिला यानी गुरु-शिष्य परंपरा से की. उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में संगीत की शिक्षा पूर्णतः गुरु-शिष्य परंपरा के अधीन थी. हालांकि, बदलते समय के साथ यह परंपरा अब मुख्य रूप से कुछ संगीत घरानों और परिवारों तक ही सीमित होती जा रही है. इसके बावजूद, आज भी समाज में ऐसे समर्पित गुरु मौजूद हैं, जो इस प्राचीन और पवित्र पद्धति को जीवित रखे हुए हैं, जिससे संगीत की शुद्धता बरकरार है.

आमतौर पर माना जाता है कि संगीत की पढ़ाई के बाद केवल टीचिंग या स्कूल-कॉलेज में प्रोफेसर बनना ही एकमात्र विकल्प है. लेकिन प्रोफेसर मीना ने इस धारणा को बदलते हुए कई आधुनिक क्षेत्रों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आज के दौर में बड़े सांस्कृतिक और संगीत कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए संगीत की तकनीकी समझ रखने वाले विशेषज्ञों की भारी मांग है. इसके अलावा, आकाशवाणी (AIR) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संगीत के जानकार युवाओं के लिए प्रोग्रामिंग और विशेषज्ञ के रूप में बेहतरीन अवसर मौजूद हैं.

सरकारी नौकरियां और कोटा: उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि रेलवे जैसे कई सरकारी विभाग कलाकारों की भर्ती के लिए कल्चरल कोटा प्रदान करते हैं, जहां सीधी नियुक्ति की संभावनाएं होती हैं.

वैश्विक मंच पर भारतीय संगीत की धमक

प्रोफेसर साहिबा ने बताया कि भारत सरकार के सांस्कृतिक विभाग और ICCR (Indian Council for Cultural Relations) के माध्यम से संगीतज्ञों को विदेशों में भारतीय कला के प्रदर्शन और शिक्षण के लिए भेजा जाता है. यह उन छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं.

प्रोफेसर मीना सिंह का यह विश्लेषण स्पष्ट करता है कि यदि कोई छात्र समर्पण और सही दिशा में मेहनत करे, तो संगीत न केवल उसे मानसिक शांति देगा, बल्कि एक उज्ज्वल और आर्थिक रूप से संपन्न भविष्य भी प्रदान करेगा.

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