उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक अनोखा मोहल्ला है जो लगभग 150 वर्ष पुराना है। यह मोहल्ला रुद्र नगर मोहल्ला है, जिसे दियरा रियासत के राजा रुद्र प्रताप शाही ने बसाया था। यह मोहल्ला हड़प्पा सभ्यता की तरह पूर्व नियोजित ढंग से विकसित किया गया है।
इस मोहल्ले की सबसे खास बात यह है कि यहां सड़कें चौड़ी हैं और नालियां घरों के पीछे बनाई गई हैं। पहले मकान लाल पत्थर से बने थे, लेकिन समय के साथ उनकी बनावट और रंग में बदलाव आया है। यहां के निवासी अपने-अपने मकान के रंग को बदल दिया है।
भारत एक ऐसा देश है जहां प्राचीन काल से ही नियोजित कालोनियां बसाई गई हैं। इसका जीता जागता उदाहरण है हड़प्पा सभ्यता। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में भी एक ऐसा ही वेल प्लांड मोहल्ला है, जहां पर सैकड़ों वर्ष पहले इसे सुल्तानपुर जिले की ही एक रियासत दियरा के राजा रुद्र प्रताप शाही द्वारा इस मोहल्ले को बसाया गया था।
वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह ने लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताया कि सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन के ठीक बगल एक रुद्र नगर मोहल्ला है। यदि इस मोहल्ले के इतिहास के बारे में बात करें तो सुल्तानपुर जिले के लंभुआ विधानसभा के अंतर्गत आने वाले के राजा रुद्र प्रताप शाही द्वारा रुद्र नगर मोहल्ले को बसाया गया था। यह मोहल्ला लगभग डेढ़ सौ वर्षो से भी अधिक पुराना है।
इस मोहल्ले की सबसे खास बात यह है कि इसे पूर्व नियोजित तरीके से बनाया गया है। इसके पीछे की वजह यह माना जाता है कि दियरा रियासत के जो रजवाड़े थे, उनके प्रमुखों ने बाहर से शिक्षा ग्रहण की थी और इसी शिक्षा की बदौलत उन्होंने सुल्तानपुर शहर में रुद्र नगर मोहल्ले को बसाया। रुद्र प्रताप शाही के नाम के ऊपर इस मोहल्ले का नाम पड़ा।
वर्तमान बनावट से है अलग, सुल्तानपुर शहर में स्थित रूद्र नगर मोहल्ले की बनावट वर्तमान की नगर योजना के विपरीत है। क्योंकि सुल्तानपुर का रूद्र नगर मोहल्ला एक ऐसा मोहल्ला है, जहां पर सड़कें काफी चौड़ी हैं और नालियां घर के पीछे बनाई गई हैं ना कि घर के आगे। इसके साथ ही इस मोहल्ले में बनाए गए घर लाल पत्थर से बने हुए थे। हालांकि वर्तमान में समय के साथ इसमें परिवर्तन हुआ और लोगों ने अपने-अपने घरों में रंग भी बदल दिए। यह मोहल्ला सुनियोजित मोहल्ला है जिसे आज से लगभग डेढ़ सौ वर्ष पहले बसाया गया था।
रुद्र नगर मोहल्ले में सुल्तानपुर जनपद के कई वरिष्ठ साहित्यकार, जनप्रतिनिधि और रईस लोगों का आवास है। यह मोहल्ला एक अनोखा उदाहरण है जो भारत की प्राचीन सभ्यता को दर्शाता है।

