लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अखिलेश ने कहा कि सीएम योगी ने गुरु समान शंकराचार्य से सर्टिफिकेट की मांग की, माता समान वयोवृद्ध महिला को सदन में अभद्र शब्द से संबोधित किया और अपने से बड़े सदन के सदस्य को “लठैत” कहा।
अखिलेश ने सीएम योगी को “करप्ट माउथ” बताते हुए कहा कि उन्होंने नैतिकता और शिष्टाचार के सारे आयाम तोड़ दिए हैं। अखिलेश ने बुद्ध काल की एक कथा का हवाला देते हुए कहा कि सीएम योगी भी नीले सियार की तरह हैं, जो अपनी असली पहचान छुपाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने सीएम योगी के अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि 1994 के आसपास अजय सिंह बिष्ट (योगी आदित्यनाथ) अपने पारिवारिक परिवहन व्यवसाय में सहयोग कर रहे थे और उस समय उनके पास तीन बसें और एक ट्रक थे। अखिलेश ने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ ने यह सड़कछाप भाषा उसी समय सीखी थी।
अखिलेश ने सवाल उठाया कि कैसे अजय सिंह बिष्ट को मठ का उत्तराधिकारी बनाया गया और फिर उन्हें लोकसभा की सीट दी गई। क्या यह केवल योग्यता का निर्णय था या रिश्तेदारी का भी प्रभाव था। पद और परिधान तो रिश्तों और समय की मदद से मिल सकते हैं, लेकिन भाषा और व्यवहार नहीं।
उधर, फिरोजाबाद पहुंचे सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने एक बड़ा बयान दिया है। सपा महासचिव ने कहा कि यह दुनिया में बेरोजगारी फैलाने वाली नई व्यवस्था बना दी गई है। 10 साल बाद हर आदमी सड़क पर दिखाई पड़ेगा। किसी को कोई रोजगार नहीं मिलेगा। पंचायत चुनाव पर कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री से पूछो।

