मुरादाबाद में 12 महिलाओं द्वारा संचालित ‘लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह’ ने केवल 1000 रुपये से शुरुआत कर आज 1 लाख रुपये से अधिक की आय का मुकाम हासिल किया है. लड्डू, मटरी और चिक्की जैसे उत्पाद तैयार कर ये महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
मुरादाबाद में एक ऐसा समूह है, जहां 12 महिलाएं एक साथ मिलकर अपने उत्पाद तैयार कर रही हैं और अच्छा मुनाफा कमा रही हैं। इस समूह की अध्यक्ष कंचन भारद्वाज ने बताया कि उनका समूह “लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह” के नाम से संचालित हो रहा है। इस समूह में 12 महिलाएं सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वे समूह के माध्यम से लड्डू, मटरी, मूंगफली की चिक्की सहित कई अन्य खाद्य पदार्थ तैयार करती हैं।
ये सभी उत्पाद महिलाएं मिलकर घर पर ही स्वच्छता और गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए बनाती हैं। शुरुआत में उन्होंने केवल 1000 रुपये की पूंजी से इस काम की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे उनके उत्पादों की मांग बढ़ती गई और आज उनका कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है। महिलाओं की आय की बात करें तो समूह से जुड़ी प्रत्येक महिला प्रतिमाह लगभग 10,000 से 12,000 रुपये तक आसानी से कमा लेती है।
इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और वे आत्मविश्वास के साथ अपने निर्णय स्वयं लेने लगी हैं। समूह की कुल आय अब 1 लाख रुपये से अधिक तक पहुंच चुकी है। यह उपलब्धि उनकी मेहनत, समर्पण और सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
समूह की महिलाएं अन्य जरूरतमंद महिलाओं को भी अपने साथ जोड़ रही हैं, ताकि वे भी इस पहल का हिस्सा बनकर आत्मनिर्भर बन सकें और अच्छा मुनाफा कमा सकें। कंचन भारद्वाज ने अन्य महिलाओं से अपील की है कि वे भी समूह बनाकर कोई न कोई छोटा व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करें। सामूहिक प्रयास, लगन और सही दिशा में मेहनत से सफलता अवश्य मिलती है।
यह समूह आज न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल भी बन गया है।

