पीलिया के शुरुआती लक्षण दिखने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए. यह तेजी से बढ़ता है और समय रहते इसका इलाज कराना जरूरी है. पीलिया में लिवर पर सूजन आती है, उसका उपचार जरूरी है. उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही पीलिया को बड़ा कर सकती है, फिर मरीज मुश्किलों में पड़ सकता है. उपचार में देरी से हेपेटाइटिस बढ़ सकता है, लीवर फेलियर, कोमा या मृत्यु का खतरा हो सकता है. सही समय पर जांच न कराने, गलत खान-पान या डॉक्टर की सलाह के बिना घरेलू नुस्खे अपनाने से स्थिति बिगड़ सकती है. उन्होंने कहा कि समय रहते इसकी जांच और उपचार जरूरी होता है.
आगरा में वरिष्ठ चिकित्सक ने पीलिया के बारे में कहा कि पीलिया जानलेवा साबित हो सकती है. इसकी शिकायत हर उम्र के लोगों में देखने को मिल रही है. जिसमें खाने में बदलाव मुख्य भूमिका अदा करता है. फ्रेश भोजन ना लेना पीलिया को दावत देना है. डॉ. आशीष ने कहा कि पीलिया के शुरुआती लक्षण में आँखों का पीला होना, शरीर में पीलापन दिखना और पेशाब पीला आना यह मुख्य है. डॉ. ने कहा कि यह सब लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाना चाहिए, उन्होंने कहा कि समय रहते इसका इलाज उपलब्ध है लेकिन लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.
पीलिया के शुरुआती लक्षणों को पहचानने के लिए हमें अपने शरीर की जांच करनी चाहिए. अगर हमें कोई लक्षण दिखाई देता है, तो हमें तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. चिकित्सक आशीष मित्तल ने कहा कि अधिक तेल और मसालों से युक्त भोजन से दूर रहना चाहिए. अधिक मात्रा में तेल और मसालों से युक्त व्यंजन से पीलिया होने की संभावना बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि घर का बना शुद्ध खाना ही लोगों को खाना चाहिए. डॉ. ने कहा कि पैकेट फूड, जंग फूड आदि यह सब बीमारियों को दावत देते है. पीलिया से बचने के लिए स्वच्छ पेयजल का सेवन करें, खाना खाने से पहले हाथ धोएं, और स्ट्रीट फूड से बचें. हेपेटाइटिस ए और बी का टीकाकरण कराएं और शराब व धूम्रपान से बचें. मसालेदार व भारी भोजन से जितना हो उतना बचें. गन्ने का रस, नारियल पानी, हल्का घर का खाना, खिचड़ी, डलिया और पर्याप्त आराम करना लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है. कोई समस्या होने पर चिकित्सक से संपर्क करें.

