उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के आधिकारिक दौरे पर रवाना होंगे. इस यात्रा का सबसे प्रमुख आकर्षण जापान की विश्व प्रसिद्ध मैग्लेव ट्रेन में उनकी टेस्ट राइड होगी. जापान की मैग्लेव ट्रेन आधुनिक ट्रांसपोर्टेशन तकनीक का एक चमत्कार मानी जाती है, जो मैग्नेटिक पॉवर से पटरी के ऊपर हवा में तैरकर चलती है, जिससे घर्षण पूरी तरह समाप्त हो जाता है और यह 600 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की अद्भुत रफ्तार हासिल कर सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 और 26 फरवरी को जापान में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. यहां वे मैग्नेटिक लेविटेशन यानी मैग्लेव ट्रेन में 100 किलोमीटर की टेस्ट राइड करेंगे, जिसमें 50 किलोमीटर जाने और 50 किलोमीटर वापसी शामिल होगी. यह ट्रेन टोक्यो से नागोया के बीच प्रस्तावित मैग्लेव कॉरिडोर को 2027 तक चालू करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है, जिससे यात्रा समय आधे से भी कम हो जाएगा, जो भविष्य की हाई-स्पीड रेल का एक मॉडल है।
मुख्यमंत्री इस दौरान जापान की इस हाई स्पीड रेल सिस्टम से सीधे रूबरू होंगे और उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने की संभावनाओं का मूल्यांकन भी करेंगे. जापान के उद्योगपतियों से भी मुलाकात होगी, जिसमें निवेश, औद्योगिक सहयोग और स्मार्ट मोबिलिटी पर फोकस रहेगा. मुख्यमंत्री जापान के प्रमुख उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं और अधिकारियों से मुलाकात करेंगे, जिससे उत्तर प्रदेश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी विकास और सतत परिवहन को बढ़ावा देने के लिए भारत-जापान सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।
यूपी में निवेश लाने की मुहीम मुख्यमंत्री की यह यात्रा उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर एक निवेश-अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत राज्य के रूप में पेश करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि ऐसी विश्व स्तरीय तकनीकों से प्रेरणा लेकर प्रदेश में हाई-स्पीड और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

