उत्तर प्रदेश विधानसभा में हुई असहज स्थिति
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बृहस्पतिवार को एक असहज स्थिति पैदा हो गई। यह घटना तब हुई जब उद्योग मंत्री नंदगोपाल नंदी सपा विधायक वीरेन्द्र यादव के सवालों के जवाब दे रहे थे। नंदी ने सपा विधायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि सपा विधायक वसूली के लिए सदन में सवाल लगाते हैं।
सपा विधायक वीरेंद्र यादव और मंत्री नंदी के बीच नोकझोंक हुई। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मंत्री के आचरण को अनुचित कहा। उन्होंने नंदी को आचरण सुधार की नसीहत दी और कहा कि सपा विधायक ने कोई गलत सवाल नहीं किया।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें टोकते हुए कहा कि ऐसा जवाब देना अनुचित है। सदस्य ने किसी भी उद्योग का नाम लिया है। आप किसी को ऐसा नहीं कह सकते हैं। किसी पर ऐसी व्यक्तिगत टिप्पणी भी नहीं की जा सकती है।
इससे पहले मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मंडी परिषद की सड़कों के निर्माण से जुड़े सवाल के जवाब में कहा कि मैं तो हर विधायक को फोन करके प्रस्ताव मांगता हूं। विधानसभा अध्यक्ष को भी मैंने फोन किया था। उनके बताए सारे काम कराए। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि आपको मंत्री इसीलिए बनाया गया है।
बार-बार बोल रहे थे मंत्री, स्पीकर सतीश महाना ने टोका
विधानसभा में बृहस्पतिवार को तीन मंत्रियों की जुबान बेकाबू हो गई। विधानसभा अध्यक्ष को उन्हें आगाह करते हुए सख्त हिदायत देनी पड़ी। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से सपा सदस्य डॉ. वीरेंद्र यादव ने प्रदेश में उद्योगों के विकास की योजनाओं के बारे में सवाल किया। इस पर नंदी ने यह बोलकर पूरे सदन को सकते मेंं डाल दिया कि कुछ सदस्यों ने सवाल लगाने का धंधा बना लिया है। इसके जरिए वह उद्योगपतियों से वसूली करते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उन्हें टोकते हुए कहा कि ऐसा जवाब देना अनुचित है। सदस्य ने किसी भी उद्योग का नाम लिया है। आप किसी को ऐसा नहीं कह सकते हैं। किसी पर ऐसी व्यक्तिगत टिप्पणी भी नहीं की जा सकती है। वहीं, छात्रवृत्ति के सवाल पर जवाब दे रहे मंत्री नरेंद्र कश्यप को भी अध्यक्ष ने लगातार बोलने पर टोका और उनका माइक बंद करने की चेतावनी दी।

