Uttar Pradesh

अब तो शर्म आती है कि हम गलगोटिया… एआई विवाद पर क्या बोले यूनिवर्सिटी के छात्र? किसी ने कहा- बेवजह तूल दिया गया

दिल्ली में आयोजित एआई रोबोट समिट को लेकर उठे विवाद के बीच गलगोटिया यूनिवर्सिटी के छात्रों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कुछ छात्रों ने पूरे मामले को गलतफहमी और मिसकम्युनिकेशन बताया, वहीं कुछ ने इसे देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला गंभीर मुद्दा कहा है।

विवाद के बाद सोशल मीडिया पर यूनिवर्सिटी को लेकर ट्रोलिंग भी तेज हो गई है, जिससे छात्र खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। मासकॉम विभाग के छात्र नितेश पांडे ने कहा कि इस तरह की स्थिति किसी भी यूनिवर्सिटी में नहीं बननी चाहिए थी। उनके मुताबिक देश और विश्वविद्यालयों में पहले से कई महत्वपूर्ण मुद्दे मौजूद हैं, जिन पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि एआई समिट के नाम पर जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, वह ठीक नहीं है। नितेश ने बताया कि सोशल मीडिया पर लोग उन्हें टैग कर तंज कस रहे हैं। कुछ लोग पूछ रहे हैं कि “क्या गलगोटिया वालों को मजा आ रहा है, तुम भी वहीं के हो क्या?”

उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणियों से छात्रों पर फर्जी होने का टैग लगाया जा रहा है, जो सही नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनका व्यक्तिगत अनुभव यूनिवर्सिटी में अच्छा रहा है और शिक्षक अच्छी तरह पढ़ाते हैं।

वहीं छात्र मयंक ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि एआई रोबोट समिट के जरिए देश को गलत संदेश दिया जा रहा है। उनके मुताबिक यह स्थिति ऐसी लग रही है जैसे देश के साथ “चोरी” हो रही हो, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि प्रभावित हो सकती है।

मयंक ने कहा कि उन्हें अब खुद को गलगोटिया यूनिवर्सिटी का छात्र बताने में शर्म महसूस हो रही है। उन्होंने दावा किया कि लोग उन्हें ताने दे रहे हैं कि वह “चोरों की यूनिवर्सिटी” में पढ़ रहे हैं और आगे चलकर चोर ही बनेंगे। उनके अनुसार यह स्थिति छात्रों के मनोबल को प्रभावित कर रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

दूसरी ओर बीबीए की छात्रा असाज्ञा सेठ ने विवाद को गलतफहमी करार दिया। उन्होंने कहा कि रोबोट को यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक उद्देश्य से लाया गया था, ताकि छात्र एआई तकनीक को समझ सकें और उससे सीख सकें। असाज्ञा के अनुसार आज के समय में एआई हर क्षेत्र में उपयोग हो रहा है, इसलिए यूनिवर्सिटी की ओर से यह एक सकारात्मक पहल थी कि छात्रों को नई तकनीक से रूबरू कराया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित रोबोट न तो यूनिवर्सिटी द्वारा खरीदा गया है और न ही निर्मित किया गया है, बल्कि यह एक शैक्षणिक एसेट के रूप में इस्तेमाल होता है, जिससे छात्र सीखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यूनिवर्सिटी में पहले से कई अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जिनमें विभिन्न लैब्स और ड्रोन एरीना शामिल हैं।

उनके मुताबिक पूरे विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और यह मुख्य रूप से मिसकम्युनिकेशन का मामला है। बीबीए विभाग के छात्र ओम मिश्रा ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छोटी सी बात को बेवजह बड़ा मुद्दा बना दिया गया है।

उनके अनुसार सोशल मीडिया पर हर कॉलेज और यूनिवर्सिटी को ट्रोल करना एक ट्रेंड बन गया है, जो सही नहीं है। ओम ने कहा कि सामान्य बातचीत में कभी-कभी लोगों से शब्दों की गलती हो जाती है, लेकिन उसे आधार बनाकर पूरे संस्थान को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।

उन्होंने बताया कि रोबोट को छात्रों को दिखाने और उनसे प्रेरित करने के उद्देश्य से लाया गया था, ताकि वे नई तकनीक के बारे में सोच सकें और आगे कुछ नवाचार कर सकें।

You Missed

authorimg
Uttar PradeshFeb 20, 2026

उत्तर प्रदेश का मौसमः नया पश्चिमी विक्षोभ हो रहा सक्रिय, इस दिन से बदलेगा यूपी का मौसम, जानिए ताजा अपडेट

वाराणसी: उत्तर प्रदेश में जल्द ही गुलाबी ठंड की विदाई होगी. ठंड की विदाई के साथ रजाई-कम्बल वाले…

Top StoriesFeb 20, 2026

एपी ने आईआईसी के साथ समझौता किया है डोक्का सीताम्मा मध्याह्न भोजन योजना को डिजिटल रूप से मजबूत करने के लिए

विजयवाड़ा: राज्य शिक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार को स्कूल न्यूट्रिशन प्रोग्राम्स में पारदर्शिता और कार्य कुशलता को मजबूत करने…

authorimg
Uttar PradeshFeb 20, 2026

वसूली के लिए सदन में सवाल… जब सपा विधायक से भिड़े मंत्री नंदी, स्पीकर बोले- ऐसा नहीं कह सकते

उत्तर प्रदेश विधानसभा में हुई असहज स्थिति उत्तर प्रदेश विधानसभा में बृहस्पतिवार को एक असहज स्थिति पैदा हो…

Modern Makeover, Surprise Checks To Enhance Devotee Services Atop Indrakeeladri
Top StoriesFeb 20, 2026

इंद्राकीलाद्री पर भक्तों की सेवाओं को बढ़ाने के लिए आधुनिक तरीके से पुनर्निर्माण और अचानक जांचें

विजयवाड़ा: इंद्रकीलाद्रि पर स्थित श्री दुर्गा मल्लेश्वर स्वामी देवस्थानम के प्रशासन ने एक आधुनिकीकरण अभियान शुरू किया है…

Scroll to Top