बचपन और किशोरावस्था में सही पोषण सिर्फ सेहत ही नहीं बनाता, बल्कि हाइट और विकास में भी मदद करता है. डॉ. ज्योति सिंह के अनुसार 5 से 10 साल के बच्चों को कैल्शियम युक्त फल और नट्स देना बेहद जरूरी है, ताकि उनकी हड्डियां मजबूत हों और लंबाई तेजी से बढ़े. वहीं 15 साल के बच्चों में हार्मोनल बदलाव के दौरान आयरन युक्त सब्जियां और फल जैसे पालक, ब्रोकली और पत्ता गोभी देना जरूरी है, खासकर लड़कियों के लिए.
मिर्जापुर में संतुलित आहार न लेने की वजह से बच्चों को ग्रोथ रुक जाती है. ऐसे में मंडलीय अस्पताल की डाइटिसिशियन डॉ. ज्योति सिंह ने छह महीने से लेकर 15 साल के बच्चों की डाइट बताई है. उन्होंने कहा कि बच्चों को डाइट के अनुसार चीजें देंगे तो ग्रोथ तेजी से होगी और इम्युनिटी कमजोर होने जैसी समस्याएं नहीं होंगी.
डॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि बहुत घरों में यह देखा जाता है कि बच्चों की इम्युनिटी और ग्रोथ के लिए कई चीजों को पेरेंट्स करते हैं. हालांकि, इसके पीछे हमें नहीं भागना चाहिए. बच्चों को रिक्वायरमेंट के हिसाब से चीजों को खिलाना-पिलाना चाहिए. हर उम्र के बच्चों को अलग-अलग चीजें चाहिए होती है.
छह महीने से 5 साल तक बच्चों को इम्युनिटी की समस्या होती है. क्योंकि काफी तेजी के साथ उनकी ग्रोथ होता है. ऐसे में इम्युनिटी बूस्ट करने के लिए खट्टे फल खाने चाहिए. एनर्जी के लिए ज्यादा कार्बोहाइड्रेट जैसे साबुत दाना, बाजरे का दलिया और रागी की रोटी देते हैं, तो एनर्जी और प्रोटीन दोनों मेंटेन रहता है.
डॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि 5 से 10 साल के बच्चों को कैल्शियम वाले फल की आवश्यकता ज्यादा होती है. ऐसे में पत्ते वाली सब्जियां, बादाम, कद्दू और सूरजमुखी के बीज आदि देना चाहिए. इससे तेजी से लम्बाई बढ़ती है और हेल्थ मजबूत होती है. 15 साल के बच्चों में हार्मोनल चेंजेस भी होते हैं. ऐसे में लड़कियों को आयरन वाले फल पत्ता गोभी, पालक और ब्रोकली आदि देने चाहिए. भूने चना और गुड़ भी स्नेक्स के तौर पर लेना चाहिए. सत्तू, अंडे और चिकन आदि भी ले सकते हैं. बच्चों को प्रोटीन युक्त चीजों को ज्यादा लेना चाहिए. बाकी आहारों को थोड़ा-थोड़ा लेते रहे.
डॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि कई लोग बच्चों को बहुत ज्यादा दूध देते हैं, लेकिन बच्चों को कैल्शियम के लिए बहुत ज्यादा दूध की आवश्यकता नहीं होती है. 250 से 300 एमएल 10 साल के बच्चों के पर्याप्त है. वहीं, जो बच्चे कुछ भी नहीं खा रहे हैं. उनके लिए एक लीटर दूध पर्याप्त है. छह महीने से डेढ़ साल के बच्चों के दिन-रात दोनों समय में पर्याप्त है. कई बार परिजन डेढ़ से दो लीटर दूध पिला देते हैं. जबकि, उतने की आवश्यकता नहीं होती है.

