प्रहलादा के दाल को पोषण तत्वों का पावरहाउस कहा जाता है. देखने में बेशक साधारण लगे, लेकिन इसके फायदे कई हैं. बलिया की आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह ने इस बारे में बताया कि शाकाहारी लोगों के लिए ये किसी वरदान से कम नहीं है. इसके हाई फाइबर कंटेंट पाचन क्रिया को सुचारू बनाते हैं, जिससे कब्ज की समस्या दूर होती है. इसके अलावा, आयरन का अच्छा स्रोत होने के कारण खून की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए संजीवनी है. फाइबर से भरपूर होने के कारण खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है. कॉपर और फोलेट जैसे पोषक तत्व बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ाते हैं.
बलिया. विसिया फावा यानी ब्रॉड बीन्स, जिसे आम बोलचाल की भाषा में प्रहलादा कहते हैं, इन दिनों सुपरफूड की लिस्ट में तेजी से जगह बना रहा है. देखने में बेशक साधारण लगे, लेकिन इसके फायदे अनगिनत हैं. इसके दाल को पोषण तत्वों का पावरहाउस कहा जाता है, जो शरीर को अंदर से मजबूत करता है. बलिया की सात साल अनुभवी आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह बताती हैं कि प्रहलादा (विसिया फावा) प्रोटीन का दमदार स्रोत है. एक कप पकी हुई फावा बीन्स में पोषक तत्वों से भरपूर है. इससे मांसपेशियों, बालों और शरीर के अंगों को मजबूत रखने में मददगार मिलती है. शाकाहारी लोगों के लिए ये किसी वरदान से कम नहीं है. इसके हाई फाइबर कंटेंट पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं, जिससे कब्ज की समस्या दूर होती है.
मिट्टी के लिए भी सोना
डॉ. प्रियंका सिंह बताती हैं कि यह आयरन का अच्छा स्रोत होने के कारण खून की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए फायदेमंद है. फोलेट (विटामिन B9) की प्रचुर मात्रा भ्रूण के सही विकास में बहुत उपयोगी है. यह न केवल पोषण तत्वों से भरा है, बल्कि इसकी फसल मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर उर्वरता बढ़ाने में भी काम आती है. फाइबर से भरपूर होने के कारण यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है. इसमें पोटेशियम और मैग्नीशियम होता है, जो रक्तचाप को संतुलित कर हृदय को स्वस्थ रखता है. इसमें कॉपर और फोलेट जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं.
ये लोग रहें दूर
डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, इसमें मैंगनीज और अन्य खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में सहायक हैं. हालांकि फावा बीन्स बहुत लाभकारी है, लेकिन इसका सेवन कुछ लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही करना चाहिए. यह किन्हीं परिस्थितियों में हानिकारक भी हो सकता है. इसलिए जो पहले से ही किसी रोग के चपेट में हों, वो एक्सपर्ट के देखरेख में ही इसका इस्तेमाल करें. जिन्हें जी6पीडी की समस्या हो, वे इसका सेवन न करें.

