Uttar Pradesh

इंटरनेट पर धोखाधड़ी कैसे होती है | पैसे कमाने की ट्रिक | साइबर धोखाधड़ी से कैसे बचें

मेरठ पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया पर हैंडीक्राफ्ट और घर का डेकोरेशन का सामान दिखाकर लोगों को फंसा लेते थे और उनसे ठगी करते थे. इन लोगों को ऐसा पैसा कमाने का चस्का लगा कि ये दूसरे मासूम लोगों को चपत लगाने लगे. सोशल मीडिया पर सुंदर-सुंदर चीजें दिखाते थे, फिर जब ग्राहक उनके झांसे में आ जाते तो रकम वसूल लेते थे. इसके बाद ग्राहक तो अपना माथा पीटते रह जाते, लेकिन ये लोग अमीर बन जाते थे.

चार लोगों के साथ धोखाधड़ी

मेरठ में अक्सर हम सोशल मीडिया पर कुछ सुंदर सुंदर चीज देखते हैं तो खरीदने का मन कर जाता है. जब सामने वाला उस चीज को बेच रहा तब तो खुशी का ठिकाना नहीं रहता. बिना सोचे समझे हम उस चीज के रुपये दे देते हैं. मगर, फिर न तो वो सामान आता है और नहीं पैसे वापस. ऐसा ही कुछ खेल यूपी के मेरठ में चल रहा था. यहां पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है. ये लोग सोशल मीडिया पर हैंडीक्राफ्ट और डेकोरेशन के सामान की पोस्ट डालकर सस्ते दामों में देने की बात कहते हैं और ऑर्डर ले लेते हैं. जब ग्राहक पैसा दे देता तो नंबर बदल लेते. फिर न तो ग्राहक को सामान मिलता और न ही पैसे वापस. इस पर जब छानबीन शुरू की गई तो पूरे ठगी का खुलासा हुआ.

चार लोग- सलमान, सलीम, मतलूब और जीशान को जल्द से जल्द पैसा कमाने का चस्का चढ़ा. उन्होंने प्लान बनाया कि वह सोशल मीडिया मंच फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए डेकोरेशन का सामान सस्ते दामों में देने का लोगों को झांसा देंगे. इसके बाद वह ये करने भी लगे. उन्होंने इसके लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम पर अलग-अलग नाम से पेज बना रखे थे. अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जो फोटो-वीडियो डले होते थे, उनको डाउनलोड करके एडिट कर लेते थे. बाद में अपने नंबर के साथ उस वीडियो को फेसबुक, इंस्टाग्राम आईडी पर पोस्ट कर देते.

सुंदर सामान और सस्ते दाम का विज्ञापन देखकर लोग उनसे संपर्क करते. यह लोग व्हाट्सएप पर डेकोरेशन और हैंडीक्राफ्ट सामान की फोटो भेजकर पसंद करवाकर गूगल पे /फोन पे के माध्यम से पैसे ले लेते थे. मगर, सामान ग्राहक तक नहीं पहुंचता था. जब ज्यादा कोई परेशान करता तो नंबर बदल लेते थे. अब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन्हें दबोच लिया है.

यहां के हैं रहने वाले

चारों आरोपी मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र के ग्राम अजराड़ा के रहने वाले हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि इनका गांव पूरे देश में डेकोरेशन, झूमर और हैंडीक्राफ्ट के समान आदि के लिए प्रसिद्ध है. इसी का लाभ उठाकर यह ठगी का काम करते थे. पुलिस का कहना है कि काफी समय से ये लोग इस धंधे में लगे थे. इनके पास से मोबाइल, सिम और डेट हैंडीक्राफ्ट और डेकोरेशन का सामान भी बरामद किया गया है. इसके फोटो डालकर यह लोगों से ठगी किया करते थे.

मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि गृह मंत्रालय की तरफ से जो साइबर ठगी के बढ़ते हुए मामले हैं उनके लिए एक नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल बनाया गया है. उस पर हमें 12 ऐसी शिकायतें मिली थीं. इस मामले की पूरी जांच की जा रही है कि अब तक इन्होंने कितने नंबर बदले हैं और कितने लोगों से इन लोगों ने ठगी की है. अभी तक पता चला है कि पिछले 2 साल थे यह ठगी का काम कर रहे थे.

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