गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने मोदीनगर और मुरादनगर में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए करीब 43,000 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया. बिना नक्शा पास कराए विकसित की जा रही इन साइटों पर सड़कों और बाउंड्री वॉल को ढहा दिया गया है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने जनता को सावधान करते हुए ऐसी अवैध प्लाटिंग में निवेश न करने की चेतावनी दी है. साथ ही, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने रजापुर ब्लॉक का निरीक्षण कर जर्जर भवनों को गिराने के निर्देश दिए हैं।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने इन दिनों भू-माफियाओं और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है. प्राधिकरण ने सोमवार को मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र में एक बड़ा अभियान चलाते हुए अवैध रूप से विकसित की जा रही कई कॉलोनियों को जमींदोज कर दिया. इस कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर लगभग 43,000 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया.
मोदीनगर में 17 हजार वर्ग मीटर पर एक्शन
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की पहली बड़ी कार्रवाई मोदीनगर के ग्राम रोरी में देखने को मिली. यहां मंगल विहार कॉलोनी के पीछे भू-माफिया लगभग 17,000 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में अवैध रूप से सड़कें बनाने और मिट्टी भराई का काम कर रहे थे. प्राधिकरण से बिना किसी ले-आउट प्लान या नक्शा पास कराए यह काम धड़ल्ले से चल रहा था. टीम ने मौके पर पहुंचकर बन रही सड़कों को उखाड़ दिया और बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर दिया.
मुरादनगर में अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर
इसके बाद प्राधिकरण की टीम मुरादनगर के शाहपुर निज मोरटा पहुंची. यहाँ करीब 26,000 वर्ग मीटर जमीन पर बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के ईंट चिनाई और साइट ऑफिस बनाने का काम किया जा रहा था. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बनी सड़कों, बाउंड्री वॉल और साइट ऑफिस को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया. इस दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण विरोध करने वालों के हौसले पस्त नजर आए.
आम जनता के लिए ‘खतरे की घंटी’
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने केवल तोड़फोड़ ही नहीं की, बल्कि मौके पर चेतावनी बोर्ड भी लगा दिए हैं. अधिकारियों ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा है कि वे ऐसी धोखाधड़ी वाली कॉलोनियों में निवेश करने से बचें. बिना नक्शा पास वाली कॉलोनियों में प्लॉट खरीदना जोखिम भरा हो सकता है और इससे खरीदारों की मेहनत की गाढ़ी कमाई डूब सकती है. प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी कॉलोनियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.
CDO का रजापुर ब्लॉक का औचक निरीक्षण
इसी कड़ी में प्रशासन की सक्रियता अन्य विभागों में भी दिखी. मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने सोमवार को विकास खंड रजापुर का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कार्यालय के कई रजिस्टर अधूरे हैं, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की.
CDO ने ब्लॉक परिसर में बने जर्जर आवासों की स्थिति को बेहद दयनीय बताया और लघु सिंचाई विभाग के खंडहर हो चुके भवनों को एक सप्ताह के भीतर ‘अनुपयोगी’ घोषित कर ढहाने के निर्देश दिए. साथ ही, उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए हर गांव के लिए ‘डोर-टू-डोर’ कूड़ा कलेक्शन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का आदेश दिया.

