गोरखपुर की संगीता पांडे ने घर बैठे महिलाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता बनाया है. सीमित संसाधनों से शुरुआत करके उन्होंने ऑर्गेनिक प्रोडक्ट बनाने और बेचने का ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिसमें 200 से अधिक महिलाएं आज आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं. यह कहानी साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और मार्केटिंग सपोर्ट से महिलाएं घर से ही सफल उद्यमी बन सकती हैं।
गोरखपुर की संगीता पांडे का मॉडल आपके लिए प्रेरणा बन सकता है. गोरखपुर रत्न से सम्मानित संगीता आज 200 से अधिक महिलाओं को घर से रोजगार दे रही हैं और लोकल प्रोडक्ट को ब्रांड बनाकर बाजार तक पहुंचा रही हैं. संगीता बताती हैं कि शुरुआती दौर आसान नहीं था, सीमित संसाधनों के साथ उन्होंने छोटे स्तर पर डिब्बा (पैकेजिंग) फैक्ट्री से शुरुआत की. धीरे-धीरे उन्होंने महिलाओं को जोड़ना शुरू किया और उन्हें ऑर्गेनिक प्रोडक्ट बनाना सिखाया. आज उनका नेटवर्क मजबूत हो चुका है और कई महिलाएं हर महीने अच्छी कमाई कर रही हैं।
संगीता महिलाओं को गोबर, मुल्तानी मिट्टी और प्राकृतिक सुगंधित तत्वों से ‘ऑर्गेनिक साबुन’ बनाना सिखाती हैं. इसके अलावा, डिटॉल, फिनायल, अगरबत्ती और गोबर से बने हवन कप जैसे प्रोडक्ट भी तैयार कराए जाते हैं. खास बात यह है कि पूरा काम महिलाएं अपने घर से ही करती हैं। और इस काम में लगातार और महिलाएं जुड़ती जाती हैं।
सिर्फ प्रोडक्ट बनवाना ही नहीं, बल्कि उसकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की जिम्मेदारी भी संगीता संभालती हैं. वह प्रोडक्ट को स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने में मदद करती हैं. इससे महिलाओं को बाजार ढूंढने की चिंता नहीं रहती और उनका पूरा ध्यान क्वालिटी प्रोडक्शन पर रहता है. इस मॉडल से जुड़कर 200 से अधिक महिलाएं घर बैठे कमाई कर रही हैं, वे न सिर्फ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने परिवार की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं।
संगीता का लक्ष्य है कि आने वाले समय में और अधिक महिलाओं को जोड़कर इस अभियान को बड़ा बनाया जाए। संगीता पांडे का यह मॉडल साबित करता है कि अगर सही मार्गदर्शन और मार्केटिंग सपोर्ट मिल जाए, तो महिलाएं घर से ही सफल उद्यमी बन सकती हैं।
अगर आप घर बैठे व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं और कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाने का सपना देख रहे हैं, तो आप भी संगीता पांडे के मॉडल से प्रेरणा ले सकते हैं। छोटे स्तर पर ऑर्गेनिक या घरेलू प्रोडक्ट से शुरुआत करें, लोकल मार्केट की डिमांड को समझें और सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करें। समूह बनाकर काम करें ताकि उत्पादन ज्यादा हो सके।

