Last Updated:February 15, 2026, 13:09 ISTMaha Shivaratri Kashi Vishwanath Mandir: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर काशी नगरी ‘शिवमय’ हो चुकी है और बाबा विश्वनाथ अपने अलौकिक ‘दूल्हा’ स्वरूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं. परंपरा और आधुनिकता के संगम के बीच इस बार काशी विश्वनाथ धाम ने भीड़ के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. सुबह 11 बजे तक ही 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर लिया है, जबकि भक्तों का भव्य स्वागत करने के लिए उन पर गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्प वर्षा की जा रही है. सुरक्षा के अभेद्य घेरे और 45 घंटे तक लगातार चलने वाले दर्शनों के बीच, कश्मीर से कन्याकुमारी तक के 62 मंदिरों से आई विशेष भेंट बाबा के चरणों में अर्पित की गई है. तस्वीरों में देखिए, कैसे इस बार काशी में आस्था का महाकुंभ उमड़ा है. महाशिवरात्रि ( Maha Shivaratri 2026) के पावन अवसर पर बाबा विश्वनाथ अपने अलौकिक ‘दूल्हा’ स्वरूप में नजर आ रहे हैं. परंपरा के अनुसार, भोर में हुई मंगला आरती के दौरान बाबा को विशेष ‘दूल्हे वाली पगड़ी’ पहनाई गई. इस दौरान उनका जो विशेष श्रृंगार किया गया, वह इतना मनमोहक है कि भक्त उसे बस निहारते ही रह गए. बाबा का यह स्वरूप उनके विवाह के उत्सव का प्रतीक है, जिसे देखने के लिए भक्तों में भारी उत्साह दिखा. भोर में मंगला आरती संपन्न होने के बाद करीब 3 बजकर 30 मिनट पर काशी विश्वनाथ धाम के द्वार आम भक्तों के लिए खोल दिए गए. द्वार खुलते ही चारों ओर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजने लगे. बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों का सब्र ऐसा था कि सुबह सवेरे ही करीब 4 किलोमीटर लंबी कतार देखने को मिली. श्रद्धालु घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे ताकि वे महादेव की एक झलक पा सकें. काशी विश्वनाथ मंदिर आने वाले भक्तों को इस बार एक बहुत ही खास और ‘वीआईपी’ अहसास कराया गया. धाम में प्रवेश करते ही भक्तों पर गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्प वर्षा की गई. मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने खुद इसकी कमान संभाली और श्रद्धालुओं का स्वागत किया. फूलों की बारिश के बीच भक्तों का जोश और बढ़ गया और वे झूमते हुए महादेव का जयघोष करने लगे. Add News18 as Preferred Source on Google इस बार महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की संख्या ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सुबह करीब 11 बजे तक ही 4 लाख से ज्यादा भक्त बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर चुके थे. प्रशासन का अनुमान है कि देर रात तक यह संख्या 8 से 10 लाख के पार पहुंच जाएगी, जो अपने आप में काशी विश्वनाथ धाम के इतिहास में एक नया कीर्तिमान होगा. काशी की गलियों में आज सिर्फ महादेव के भक्त ही नजर आ रहे हैं. मंदिर के आसपास के करीब 3 किलोमीटर के दायरे में भक्तों का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि तिल रखने की भी जगह नहीं है. मैदागिन और गोदौलिया जैसे प्रमुख मार्ग पूरी तरह शिवभक्तों से पटे पड़े हैं. हर रास्ता सिर्फ बाबा धाम की ओर जा रहा है और पूरी काशी नगरी शिवमय हो चुकी है. काशी विश्वनाथ की महिमा ऐसी है कि महाशिवरात्रि पर देश-विदेश के 62 प्रमुख मंदिरों से विशेष भेंट और प्रसाद बाबा को सौंपा गया है. इसमें कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के बड़े मंदिरों के प्रतिनिधि शामिल हैं. इन मंदिरों से आए विशेष उपहारों और प्रसाद को बाबा विश्वनाथ के चरणों में अर्पित किया गया, जो भारत की सांस्कृतिक एकता का एक अद्भुत उदाहरण है. लाखों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. पुलिस, पीएसी, अर्धसैनिक बल, एटीएस और इंटेलिजेंस की कई टीमें तैनात हैं. जिले के बड़े अधिकारी खुद सड़कों पर गश्त कर रहे हैं. मंदिर के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है और ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. बाबा विश्वनाथ अपने भक्तों के प्रेम के कारण इस बार लगातार 45 घंटों तक दर्शन देंगे. भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए तय किया गया है कि बाबा आज पूरी रात जागेंगे और आरती के समय भी झांकी दर्शन बंद नहीं होंगे. जो भक्त काशी नहीं पहुंच पाए हैं, उनके लिए मंदिर प्रशासन ने ऑनलाइन लाइव दर्शन की सुविधा दी है, जिससे देश-विदेश में बैठे लोग भी घर बैठे बाबा का आशीर्वाद ले पा रहे हैं.First Published :February 15, 2026, 13:09 IST
माघ मेला 2026 महाशिवरात्रि स्नान| Magh Mela 2026| Mahashivratri 2026
Prayagraj Magh Mela 2026 Live: संगम की रेती पर सजे विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम ‘माघ मेला…

